जिस समय यह चैनल डीडी फ्री डिश का हिस्सा थे, उस समय भारत के ग्रामीण इलाकों में इन्हें खूब देखा जाता था। लेकिन, पिछले साल से जब इन चैनलों को इस प्लेटफॉर्म से बाहर कर लिया गया, उसके बाद से इनके दर्शकों की संख्या में लगभग 95 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जब इन चैनलों के दर्शक कम हो गए तो चैनलों को विज्ञापन मिलने में भी कठिनाइयां होने लगीं। इस वजह से इन चैनलों की कंपनियों को भारी घाटा सहना पड़ा है। अब फिर से डीडी फ्री डिश के साथ आकर यह चैनल अपना खोया सम्मान पाने की कोशिश करेंगे। कंपनियों को आशा है कि कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन का फायदा इस वक्त इन चैनलों को मिल सकता है।