अब फिल्मी सितारे समाज सेवा या जनता को जागरूक बनाने के लिए सरकारी मंचों से बुलावे का इंतजार नहीं करते। वह केवल विज्ञापनों में संदेश देने तक सीमित नहीं हैं। आज के अनेक सिने-सेलेब्रिटी आगे बढ़ कर खुद चिंताओं से जुड़ रहे हैं। जमीन पर उतर कर काम कर रहे हैं। बता रहे हैं रवि बुले।
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-सिनेमा से समाज सेवा नहीं हो सकती। सिनेमा से देश-समाज में बड़ा बदलाव या क्रांति नहीं आ सकती। वह मूलतः मनोरंजन है। कमोबेश सभी फिल्मी सितारे, निर्माता-निर्देशक यह बात कहते हैं। इसीलिए इन दिनों इंडस्ट्री के लोग अपनी सामाजिक भूमिका के साथ न्याय करने के लिए फिल्मों से इतर निजी स्तर पर विभिन्न सामाजिक कार्य करते दिख रहे हैं।
कुछ वर्ष पहले तक ये लोग अक्सर किसी सामाजिक संगठन से जुड़ जाते थे। उनके कार्यक्रमों में समय-समय पर हिस्सा लेते थे। परंतु हाल के वर्षों में गंभीर मुद्दों पर काम करने के लिए सितारे जमीन पर उतर आए हैं और निस्वार्थ भाव से सक्रिय हैं। आजादी के इस दिन एक नजर बॉलीवुड की कुछ ऐसी ही हस्तियों के काम पर।
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बनते रहें टॉयलेट
- फोटो : getty
जहां सोच वहां शौचालय। अभिनेत्री विद्या बालन सिर्फ टीवी विज्ञापन में ही यह बात नहीं कहतीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रयासों से उन्होंने कई गांव-कस्बों में शौचालय बनवाए हैं। विद्या की तरह निर्माता-निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा भी शौचालय बनवाने के काम को बड़े पैमाने पर अंजाम दे रहे हैं। मगर प्रचार-प्रसार से दूर हैं।
शौचालयों के अभाव में खास तौर पर लड़कियों को होने वाली परेशानियों ने मेहरा को प्रेरित किया। वह स्कूल, कच्ची बस्तियों और गांवों में शौचालय बनाने की मुहिम चलाए हुए हैं। कारपोरेट कंपनियों को अपनी मुहिम से जोड़ कर वह गुजरात में साढ़े तीन सौ टॉयलेट बनवा चुके हैं। राजस्थान के बाडमेर और जोधपुर में उन्होंने 50-50 टॉयलेट बनवाए।
अब महाराष्ट्र में इसे अंजाम दे रहे हैं। यहां वह इस काम में लगे एनजीओ युवा अनस्टॉपेबल की भी सहायता कर रहे हैं। हफ्ते भर पहले उन्होंने ठाणे के स्लम में युवा अनस्टॉपेबल द्वारा तैयार टॉलयेट शुरू कराए। मेहरा कहते हैं कि हर काम सरकार नहीं करेगी। हमें भी कुछ करना होगा। वह अपने अभियान को फिल्म निर्माण से ज्यादा अहम मानते हुए कहते हैं कि इसमें और तेजी लाएंगे। वह कहते हैं कि अगर कोई मुझे भविष्य में टॉयलेट मैन कहेगा तो बहुत खुशी होगी।
अब तो रखेंगे सफाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को काफी सफलता मिली है। तमाम क्षेत्रों की शख्सीयतों के साथ बॉलीवुड सितारों का भी उसमें योगदान रहा है। अमिताभ बच्चन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा, कमल हासन, अनुपम खेर से लेकर हेमा मालिनी तक इससे जुड़ कर सड़कों पर उतरे।
हाल में इसी अभियान को आगे बढ़ाती हुई एक शॉर्ट फिल्म डोंट लेट हर गो (उसे जाने मत दो) ने चर्चा बटोरी है। इसमें दिखाया गया है कि जो लोग गंदगी फैला रहे हैं उनके घर/दुकान में लगी तस्वीरों में से धन की देवी लक्ष्मी गायब हो रही हैं। अंत में दिखता है कि लक्ष्मी एक बाइक सवार के पीछे बैठ जा रही हैं। इसके बाद अमिताभ बच्चन का संदेश है।
क्ष्मी के रूप में अभिनेत्री कंगना रनौत हैं। इस शॉर्ट फिल्म ने लोगों का खूब ध्यान आकर्षित किया। यूं तो शास्त्रों में भी लिखा है कि जहां स्वच्छता होगी वहीं लक्ष्मी रहेंगी, परंतु फिल्म में साक्षात यह देखने से शायद बेहतर असर होगा। अब लोग कैसे नहीं रखेंगे सफाई?
बांटे किसानों के दुख-दर्द
महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या देश में पिछले कुछ वर्षों के सबसे दुखद समाचारों में है। राज्य सरकार अपने ढंग से इसे रोकने के काम रही है। परंतु ऐक्टर नाना पाटेकर ने आत्महत्या के विरुद्ध निजी प्रयासों का जो अभियान शुरू किया, वह अनुकरणीय है। एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहते हुए नाना ने अपनी 90 फीसदी कमाई गरीब किसानों और उनके परिवारों को बांट दी। वह ऐसे कार्यक्रमों में जाने को सहर्ष राजी हुए जहां किसानों में बांटने के लिए धन मिल सके।
नाना का फाउंडेशन आर्थिक मदद के साथ गांवों में तालाबों-नहरों की खुदाई के काम में लगा है ताकि खेती के साथ पीने का साफ पानी मिले। जरूरतमंदों की मदद से नाना इतने गहरे जुड़े हैं कि कहते हैं, ‘मरते दम तक जीने की वजह मिल गई है मुझे।’
नाना की राह पर चलते हुए कुछ समय पहले अक्षय कुमार ने 90 लाख और बाद में 50 लाख की मदद किसानों को भिजवाई। ऐक्टर रितेश देशमुख ने 25 लाख का योगदान दिया। अभिनेत्री ईशा गुप्ता पिछले चार साल से बिना शोर-शराबे के गरीब किसानों की आर्थिक और अन्य मदद कर रही हैं।
जल से ही बचेगा जीवन
सूखे और पानी के संकट के बीच पिछले साल आमिर खान ने पानी फाउंडेशन की शुरुआत की। विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वाले टीवी शो सत्यमेव जयते से ब्रेक लेकर आमिर फाउंडेशन द्वारा पानी के प्रति लोगों का नजरिया बदलने के प्रयास कर रहे हैं। फाउंडेशन महाराष्ट्र में सरकार के साथ मिल गांवों में पानी की समस्या खत्म करने की कोशिश में है।
फाउंडेशन से राजकुमार हिरानी और अतुल कुलकर्णी जैसी फिल्मी हस्तियों समेत टाटा-अंबानी भी जुड़े हैं। महाराष्ट्र सरकार 2019 तक राज्य को सूखा मुक्त बनाने के लिए जलयुक्त शिवर अभियान चला रही, आमिर का फाउंडेशन सरकार की मदद कर रहा है। वह ग्रामीणों को ‘वाटर मैनेजमेंट’ के प्रति शिक्षित/जागरूक बना रहा है।
देश/समाज में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों को खत्म करने और उन्हें आत्म निर्भर बनाने की गंभीर कोशिशें जारी हैं। महानायक अमिताभ बच्चन सरकार के मंच से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर बोल कर जागरूकता फैला चुके हैं।
अक्षय कुमार लड़कियों को मार्शल आर्ट ट्रेनिंग की वकालत करते हैं और अनेक स्कूलों में अपना अभियान बढ़ा रहे हैं। वह मार्शल आर्ट एकेडमी खोलने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। पिछले दिनों जावेद अख्तर और शबाना आजमी ने शेयर एंड केयर फाउंडेशन के ‘इंस्पायर चेंजः एमपावर वीमन’ कार्यक्रम का आगाज किया।
शबाना यूपी में मिजवां नाम का एनजीओ चलाती हैं, जो वहां के चिकनकारी के काम को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। मिजवां ने स्कूल, कॉलेज और कंप्यूटर सेंटर खोले हैं। ऋचा चढ्ढा और जैकलीन फर्नांडिस जैसी अभिनेत्रियां अपने-अपने स्तर पर शोषित-पीड़ित महिलाओं की मदद और पुनर्स्थापन जैसे कामों को अंजाम दे रही हैं।