बताया जा रहा है कि वेंकटेश के अलावा और भी कई लोगों और फिल्ममेकर्स ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा है कि केजीएफ बनाकर आने वाली पीढ़ी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इस फिल्म का मकसद केवल रुपए कमाना है।
इसके बाद बेंगलुरु के सिविल कोर्ट ने केजीएफ की रिलीज पर अगले साल 7 जनवरी तक के लिए रोक लगाने का फैसला किया है।
वहीं इस पूरे मामले में कल शाम तक केजीएफ (कोलार गोल्ड फील्ड्स) के प्रोड्यूसर्स का कहना है कि कोर्ट की तरफ से उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं मिले हैं। पता हो कि बीते दिनों फिल्म केजीएफ का हिंदी ट्रेलर रिलीज हुआ है। दर्शकों ने फिल्म के ट्रेलर को काफी पसंद भी किया है। मूल रूप से कन्नड़ में बन रही सीरीज केजीएफ (कोलार गोल्ड फील्ड्स) को हिंदी में फरहान अख्तर रिलीज करने जा रहे हैं।
आपको बता दें कि केजीएफ दो हिस्सों में बनी है। फिल्म की कहानी मुंबई की मलिन बस्तियों से शुरू होकर कोलार की सोने की खानों तक फैली हुई है। प्रशांत नील की लिखी और निर्देशित ये फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगू और मलयामल में रिलीज किया गया है।