पश्चिम बंगाल सरकार नहीं चाहती कि उनके यहां थियेटर ग्रुप कोई ऐसा नाटक दिखाएं, जो केंद्र की भाजपा सरकार की तारीफ करने वाला हो। शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने बंगाल के थिएटर ग्रुप्स के सामने प्रबल इच्छा जताई है कि वह भाजपा सरकार की तारीफ में एक लघु नाटक पेश करने के प्रस्ताव को स्वीकार न करें। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की तरफ से दिया गया है। जिसे पश्चिम बंगाल सरकार ने स्वीकार न करने का आग्रह किया है।
रोक सकता है केंद्र अनुदान!
बता दें कि बसु स्वयं भी एक प्रसिद्ध अभिनेता और थिएटर जगत की जानी-मानी हस्ती हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर थियेटर ग्रुप्स इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो केंद्र उन्हें दिए जाने वाले अनुदान तक को रोक सकता है। लेकिन पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं ने इस दावे को बेकार बताया है। इनके मुताबिक इसमें कोई सच्चाई नहीं है। इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाते हुए बसु ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी होने के कारण बंगाल के ज्यादातर थिएटर ग्रुप ऐसे किसी भी प्रस्ताव को अस्वीकार ही करेंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘अगर आप इस प्रस्ताव की अवहेलना करते हैं, तो आपको दिया जाने वाला केंद्र सरकार का अनुदान या फंड रोक दिया जाएगा। मुझे विश्वास है कि यहां ज्यादातर थियेटर ग्रुप धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी हैं, इसलिए वे इसे नहीं मानेंगे।
यह भी पढ़ें: 90 के दशक के ये फेमस कलाकार आज कर रहे बॉलीवुड पर राज
बीजेपी के एजेंडे से जुड़े हैं ये नाटक
शिक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि एनएसडी ने सभी थिएटर गु्रप्स से ‘वसुदेव कुटुंबकम’, ‘पंच प्रण’ और ‘विकसित भारत’ जैसे विषयों पर आधारित नाटक दिखाने के लिए कहा गया है, जो सभी बीजेपी के एजेंडे से जुड़े हैं। एनएसडी के नोटिस में ‘भारत रंग महोत्सव- इंटरनेशनल थिएटर फेस्टिवल ऑफ इंडिया 2024’ में थियेटर, संगीत और डांस आदि समेत सभी आर्ट ग्रुप्स की भागीदारी को आमंत्रित किया गया है। ये परफाॅर्मेंस 10 से 20 मिनट के हो सकते हैं, लेकिन इनकी थीम ‘वसुदेव कुटुंबकम’, ‘पंच प्रण’ और ‘विकसित भारत’ जैसे विषयों इर्द-गिर्द होनी चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि ये नाटक 21 फरवरी को प्रदर्शित होने वाले हैं और इन्हें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया जाना है।
यह भी पढ़ें: वैलेंटाइन डे पर जीनत अमान ने युवा पीढ़ी को दी यह सलाह
थियेटर समूहों पर दबाव
इस बारे में थियेटर से जुड़ी हस्ती कौशिक सेन ने भी कुछ वैसा ही कहा जैसा शिक्षा मंत्री बसु ने कहा। वह बोले कि थियेटर समूहों पर दबाव है कि वह भाजपा सरकार के एजेंडे के साथ जुड़ें। ऐसा करने पर इन्हें मजबूर किया जा रहा है। समूहों को धमकी दी गई है कि ऐसा न करने पर अनुदान रोक दिया जाएगा। सेन ने यह भी कहा कि थियेटर गु्रप्स को मिलने वाला वार्षिक अनुदान हर ग्रुप के काम के आधार पर 12 से 15 लाख रुपये तक हो सकता है।
यह भी पढ़ें: Valentines day2024: सितारों पर चढ़ा वेलेंटाइन डे का रंग, बिपाशा से लेकर कृति खास अंदाज में किया प्यार का इजहार
गलत सूचना से फैलाया भ्रम
हालांकि, पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने बसु पर गलत सूचना से भ्रमित करने का आरोप लगाया और कहा कि यह प्रस्ताव सभी समूहों के लिए अनिवार्य नहीं है। उन्हें पहले यह समझना जरूरी है कि सभी समूह और रूचि रखने वाले समूह दोनों के बीच अंतर होता है। दूसरे अभिनेताओं की बात करें, तो अभिनेता देबेश चट्टोपाध्याय ने इसे महज प्रचार बताया और इसमें ना भाग लेने की बात कही। वहीं रुद्रप्रसाद सेनगुप्ता को इससे ऐतराज नहीं है। बिभास चक्रवर्ती ने अनुदान पर रोक जैसी बातों से इनकार किया और इन्हें इस नोटिस में कुछ गलत नहीं लगा।