शाहरुख खान की फिल्म ‘जवान’ भारत की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। दर्शकों को यह फिल्म बेहद पसंद आई है। एटली ने हिंदी भाषा के दर्शकों को सिनेमा का एक अलग परिचय दिया है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने ‘जवान’ के बारे में बात करते हुए अपने निर्देशन को समझाया है।
अपने निर्देशन पर क्या बोले एटली
एटली ने बात करते हुए कहा, ‘हमारे दर्शकों को अलग-अलग तरह की सीन्स पसंद हैं। कुछ लोगों को पिता-पुत्री के सीन, तो कुछ एक्शन सीन पसंद आएंगे। वहीं कई लोगों को इमोशनल सीन्स पसंद आते हैं। ऐसी कुछ न कुछ सीन आपको पसंद आएंगे। मैं यही चाहता हूं। एक फिल्म बनाने के लिए मुझे कई कहानियों की जरूरत होती है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी फिल्मों में मनोरंजन होना चाहिए और जब आप जाए तो आप यह कहें कि हां मैंने कुछ सीखा है। कुल मिलाकर भरपूर मनोरंजन होना चाहिए। फिल्म बनाने को लेकर मेरा यही सिद्धांत है।’
‘मैं इस तरह से देखता हूं ऐसे सीन्स...’
जवान में एक्शन सीन्स को कैसे दर्शाया गया। एटली ने इसपर कहा कि इस तरह की सीन्स दर्शकों पर प्रभाव डालते हैं। ऐसा मुझे लगता है। दर्शकों को आपको कितना इमोशनल करना है, ये उसपर निर्भर करता है। मैं इसी तरह से ऐसे सीन्स को देखता हूं। इंजेक्शन के बिना आप बुखार ठाक नहीं कर सकते हैं। इसलिए कभी-कभी इंजेक्शन देना ठीक है, अगर इसे देने का कोई कारण हो।
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‘मेरी फिल्मों में फैंटम हमेशा रहेगा’
इसके साथ ही एटली से धीमी गति वाले सीन्स को लेकर सवाल किया गया, तो इसपर उन्होंने कहा, ‘एक मैच से ज्यादा आप उसका रिजल्ट देखना पसंद करेंगे। तो यह एक मनोदशा है। यह कोई नया शॉट डिवीजन नहीं है, जिसे मैंने क्रैक किया हो।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरी फिल्मों में फैंटम हमेशा रहेगा। यह दर्शकों के लिए काम करता है और यह मेरे लिए भी काम करता है। मुझे इससे प्यार है।’
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