अभिषेक बच्चन ने अपनी साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म 'शरारत' के निर्माण के दौरान पहली बार एक साक्षात्कार में आलोचनाओं का उपयोग प्रतिक्रिया के रूप में करने की अपनी आदत के बारे में बात की थी। अब हाल ही में एक बार फिर एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में अभिनेता ने खुलासा किया कि वह अब भी इन आलोचनाओं की स्क्रैपबुक रखते हैं, लेकिन अब एक अलग तरीके से यह सब करते हैं। अभिषेक बोले, 'मैं इन्हें पहले अपने बाथरूम के शीशे पर लगाता था। मेरे पास शीशा बचता ही नहीं था क्योंकि यह पूरी तरह से ढका हुआ होता था। लेकिन मैंने इसे अब स्क्रैपबुक में डाल दिया है।'
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इसके बाद जब अभिषेक से पूछा गया कि इतनी सारी समीक्षाओं में से वह किसकी राय का पालन करते हैं, अभिषेक ने कहा, 'मुझे लगता है कि आपको सब कुछ चुनना चाहिए क्योंकि हर किसी की राय मायने रखती है और हर कोई आपका दर्शक है।' अभिनेता ने इस इंटरव्यू में यह भी खुलासा किया कि इन खराब समीक्षाओं का रिकॉर्ड रखने का विचार उनके पिता, दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने उन्हें दिया था। अभिषेक ने बताया कि उन्होंने कहा, 'इसे वहीं रखो, इसे हर दिन पढ़ो और उन्हें गलत साबित करने के लिए दोबारा वहां जाओ। इसका उपयोग प्रेरणा के रूप में करो।' अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वह बोले, 'मैंने इसे एक कदम आगे बढ़ाया और इसे ऐसा बना दिया कि वे मुझे खुद को बेहतर बनाने के लिए कह रहे हैं। इसलिए मैं हर सुबह इन्हें पढ़ता हूं कि खुद को कैसे सुधारें और उस पर सक्रिय रूप से काम करूं।'
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