पहले हुई फ्लॉप, बाद में बनी कल्ट
अब तक कई ऐसी फिल्में भारतीय सिनेमा में बन चुकी हैं, जो शुरुआत में फ्लॉप रहीं और बाद में उन्होंने कल्ट का दर्जा प्राप्त कर लिया। शोले से लेकर अंदाज अपना अपना तक, बहुत सी ऐसी फिल्में रहीं जो रिलीज के समय अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकीं, लेकिन बाद में दर्शकों ने इन्हें सिर-माथे से लगाकर रखा। फिल्म शूल भी इस सूची में शामिल है। रिलीज के समय यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन वक्त के साथ लोगों की तारीफों के जरिए यह कल्ट बन गई।
2500 रुपये के लिए नवाजुद्दीन ने की फिल्म
नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकारों में से एक हैं। आज उनकी फीस करोड़ों में है, लेकिन शुरुआती दिनों में फिल्मों के लिए काफी कम पैसे ऑफर किए जाते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म शूल के लिए उन्हें 2500 रुपये देने का वादा किया गया था। फिल्म में उन्होंने वेटर का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए नवाजुद्दीन की आवाज डब भी की गई थी।
पहली फिल्म से छाए सयाजी शिंदे
फिल्म शूल का मुख्य आकर्षण इसका खलनायक था। सयाजी शिंदे ने फिल्म में विलेन का किरदार निभाया था। अपनी पहली ही फिल्म से उन्होंने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी थी। कथित तौर पर उनका किरदार बिहार के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन पर आधारित था।
राम गोपाल वर्मा ने अपने सहायक की बदल दी किस्मत
फिल्म शूल का निर्देशन ईश्वर निवास ने किया है। शुरुआती दिनों में वह राम गोपाल वर्मा के सहायक के रूप में काम किया करते थे। कहा जाता है कि उन दिनों वह निर्देशक के कार्यालय में लोगों को चाय पिलाया करते थे। हालांकि, रामू को उन पर शुरू से ही भरोसा था। यही वजह है कि उन्होंने फिल्म शूल की कमान ईश्वर निवास के हाथों में सौंप दी। उन्होंने भी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और शानदार फिल्म बनाई। इस फिल्म के बाद उन्होंने लव के लिए कुछ भी करेगा, दम, बर्दाश्त, दे ताली और टोटल स्यापा जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया।
TRP This Week: 'गुम है किसी के प्यार में' की गिरी रेटिंग, तो 'उड़ने की आशा' ने लगाई छलांग, जानिए टॉप 10 का हाल