महबूब खान की ‘मदर इंडिया’ भारत की ओर से ऑस्कर के लिए नामित पहली फिल्म थी। 1957 में रिलीज हुई फिल्म में नरगिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राजकुमार ने अभिनय किया था।
भारतीय गांवों की गरीबी दर्शाती यह फिल्म ऑस्कर में विदेशी फिल्म की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पांच फिल्मों में जगह बनाने में कमायाब रही थी।
हालांकि महज एक वोट के अंतर से यह ऑस्कर पाने से चूक गई।
उस वर्ष विदेशी फिल्मों की श्रेणी में फैडरिको फैलिनी निर्देशित इतालवी फिल्म ‘नाईट ऑफ कैबिरिया’ को ऑस्कर मिला था।
मदर इंडिया के बाद बॉलीवुड की केवल दो फिल्में 'सलाम बांबे' (1988) और 'लगान' (2001) ही ऑस्कर की विदेशी फिल्मों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पांच फिल्मों में जगह बना पाईं।