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Swara Bhasker: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर बोलीं स्वरा, 'इन चीजों से हूं परिचित'

Wed, 28 Aug 2024 10:49 AM IST
सर्वजीत कृष्णा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में हेमा रिपोर्ट में हुए सनसनीखेज खुलासों के बाद से काफी खलबली मची हुई है। इस बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी इन मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 
 
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स्वरा भास्कर - फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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मलयालम फिल्म इंडस्ट्री इस वक्त काफी चर्चा में हैं। पूरी फिल्म इंडस्ट्री में इस वक्त हड़कंप मचा हुआ है। हेमा रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इस्तीफा भी दिया है। इस बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी हेमा रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर बात की है। इस दौरान उन्होंने बॉलीवुड सहित मनोरंजन जगत में मजबूत पितृसत्तात्मक मानदंडों और वित्तीय दबावों पर आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि वुमेन इन सिनेमा कलेक्टिव (डब्ल्यूसीसी) के प्रति उनके मन में गहरी कृतज्ञता और समर्थन है, जिस तरह से उन्होंने यौन उत्पीड़न और हिंसा के मुद्दों को सामने लाने में बहादुरी दिखाई है।

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हेमा रिपोर्ट पर स्वरा भास्कर ने कहा इन चीजों से हैं परिचित
हेमा रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और शोषण को उजागर किया गया है, जिस पर स्वरा भास्कर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि रिपोर्ट के निष्कर्षों से उनका दिल टूट गया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि समिति के निष्कर्षों को पढ़कर दिल टूट गया है। ये काफी ज्यादा अधिक दुखदायी है, क्योंकि इस तरह की चीजों से वह परिचित हैं। शायद हर खुलासा या हर बारीक बात नहीं, लेकिन महिलाओं ने जो गवाही दी है उसकी बड़ी तस्वीर से वह काफी परिचित हैं।

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आवाज उठाने वाले को बता विवादित बता कर टाल दिया जाता है
अभिनेत्री ने आगे लिखा की फिल्म इंडस्ट्री में कोई अपनी आवाज उठाता है, तो उसे उपद्रवी कह दिया जाता है और उसे इसकी प्रतिक्रिया के रुप में परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने आगे लिखा, “शोबिज सिर्फ पितृसत्तात्मक नहीं है, इसका चरित्र भी दबाने वाला है। सफल अभिनेताओं, निर्देशकों और निर्माताओं को देवता का दर्जा दिया जाता है। इसके बाद वे जो कुछ भी करते हैं, वह सही होता है। यदि वे कुछ अशोभनीय कार्य करते हैं, तो आस-पास मौजूद सभी लोगों नजरें फेर लेते हैं। अगर कोई बहुत अधिक आवाज उठाता है, शोर मचाता है, तो उसे विवादित बता कर अपने अति उत्साही विवेक का खामियाजा भुगतने के लिए छोड़ दिया जाता है।'' 
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सही चीजों के लिए आवाज उठाना भी पसंद नहीं किया जाता 
स्वरा ने आगे लिखा कि प्रोडक्शन के हर दिन, चाहे शूटिंग के दौरान, प्री-प्रोडक्शन या पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान, पैसा लगातार खर्च होता है,। किसी को भी इसमें रुकावट पसंद नहीं आती,  और किसी को भी रुकावट पसंद नहीं आती, भले ही कोई सही के लिए बोल रहा हो। उन्होंने लिखा, “शोबिज हमेशा से एक पुरुष-केंद्रित उद्योग रहा है, एक पितृसत्तात्मक सत्ता व्यवस्था। यह काफी संवेदनशील और जोखिम से बचने वाला उद्योग भी है। प्रोडक्शन का हर एक दिन, चाहे शूटिंग का दिन, प्री और पोस्ट-प्रोडक्शन का दिन हो, हर दिन पैसे का मीटर चल रहा होता है। किसी को भी इसमें रुकावट पसंद नहीं है, फिर भले ही व्यवधान डालने वाले ने नैतिक रूप से जो सही है उसके लिए आवाज उठाई हो। उनके लिए इसे जारी रखना कहीं अधिक सुविधाजनक और आर्थिक रूप से व्यावहारिक है।"
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