निर्देशक नाग अश्विन ने अपनी फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में अमिताभ बच्चन को युवा दिखाने के लिए डी-एजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है। वहीं हॉलीवुड की कई फिल्में इस तकनीक से पहले ही बन चुकी हैं। जिनमें 'गार्डियंस ऑफ़ द गैलेक्सी' और विल स्मिथ की हालिया फिल्म 'जेमिनी मैन' शामिल हैं।
साल 2024 की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन अहम भूमिका निभाते नजर आने वाले हैं। दर्शकों में अभी से ही इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।'कल्कि 2898 एडी' में अमिताभ बच्चन 'महाभारत' के प्रमुख किरदार गुरु द्रोणाचार्य के अमर पुत्र अश्वत्थामा की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म के मेकर्स ने अमिताभ बच्चन के फर्स्ट लुक को दर्शकों के साथ साझा किया है। फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में अमिताभ बच्चन के किरदार युवा अश्वत्थामा वाले लुक के लिए निर्देशक नाग अश्विन ने डी-एजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस फिल्म से पहले इस तकनीक का इस्तेमाल हॉलीवुड की फिल्मों में ही हुआ है। आइए आपको बताते हैं आखिर डी-एजिंग तकनीक होती क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
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भारत में पहली बार 'कल्कि 2898 एडी' में हुआ डी-एजिंग का इस्तेमाल
'कल्कि 2898 एडी' में अमिताभ बच्चन अश्वत्थामा के किरदार को निभा रहे हैं। फिल्म के मेकर्स ने अमिताभ बच्चन के फर्स्ट लुक को रिलीज किया है। अमिताभ बच्चन का यह लुक सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। फिल्म के फ्लैशबैक दृश्यों में उन्हें जवां दिखाने के लिए डी-एजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस फिल्म से पहले किसी भी भारतीय फिल्म में इस तकनीक का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
हॉलीवुड की कई फिल्मों में हुआ है डी-एजिंग तकनीक का इस्तेमाल
निर्देशक नाग अश्विन ने अपनी फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में अमिताभ बच्चन को युवा दिखाने के लिए डी-एजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है। वहीं हॉलीवुड की कई फिल्में इस तकनीक से पहले ही बन चुकी हैं। जिनमें 'गार्डियंस ऑफ़ द गैलेक्सी' और विल स्मिथ की हालिया फिल्म 'जेमिनी मैन' शामिल हैं। दरअसल पहले मेकअप के जरिए किरदारों को फिल्मों में युवा दिखा दिया जाता था, लेकिन अब डी-एजिंग तकनीक के जरिए फ्लैशबैक के दृश्यों को और प्रभावी रूप से दिखाया जाने लगा है।
डी-एजिंग तकनीक यूं करता है कमाल
फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में सुपर स्टार अमिताभ बच्चन का नया लुक सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।यूजर्स हैरान हैं कि आखिर अमिताभ बच्चन को नाग अश्विन ने युवा कैसे दिखाया है। तो आइए आपको बताते हैं कि निर्देशक ने डी-एजिंग तकनीक के जरिए यह कमाल कर दिखाया है। दरअसल डी-एजिंग एक थ्री-डी प्रभाव वाली तकनीक है। जिसके उपयोग से किसी भी अभिनेता को युवा दिखाया जा सकता है। ऐसा करने के लिए स्टूडियो में आमतौर पर एक डिजिटल छवि को संपादित किया जाता है और फिर जहां जरुरत होती है वहां उन दृश्यों पर कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी से टच-अप कर देते हैं। नाग अश्विन ने भी अमिताभ बच्चन के लुक्स के साथ यही किया है।