इलाहाबाद लोकसभा सीट पर 1984 के बाद से कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी है। इस सीट पर समाजवादियों का वर्चस्व रहा है। रेवती के करीबियों का कहना है कि वह अब सपा से नाता तोड़ सकते हैं। इस बीच खबर यह भी आई है कि रेवती की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी हो चुकी है।
हालांकि, जब रेवती से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी वह सपा में ही हैं। मेरी न कांग्रेस से बात हुई है और न ही भाजपा से। अपने लोगों से बातचीत कर आगे क्या करना है उस संंबंध में निर्णय लिया जाएगा। वहीं, उनके पुत्र उज्ज्वल रमण का कहना है कि अभी हम सपा में ही हैं। कहा कि मेरी अखिलेश यादव से बात होती रहती है।
अब फूलपुर और इलाहाबाद सीट पर टिकी निगाहें
भाजपा द्वारा प्रतापगढ़ से संगम लाल गुप्ता को एक बार फिर से टिकट दिए जाने के बाद अब इस बात के आसार कम ही हैं कि फूलपुर और प्रतापगढ़ से किसी वैश्य उम्मीदवार को टिकट मिले। फूलपुर सीट से वर्तमान में सांसद केशरी देवी पटेल हैं। ऐसे में उनकी दावेदारी तो इस सीट पर है ही, इसके अलावा विधायक प्रवीण पटेल, विक्रम सिंह पटेल, कौशलेंद्र पटेल के नाम भी इन दिनों चर्चा में हैं।
इसी तरह इलाहाबाद सीट से सांसद डाॅ. रीता बहुगुणा जोशी के अलावा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी का भी दावेदार के रूप में नाम लिया जा रहा है। यहां से गिरीश चंद्र त्रिपाठी, योगेश शुक्ला, रईस शुक्ला, डाॅ. एलएस ओझा, डॉ. भगवत पांडेय आदि का भी नाम सोशल मीडिया में चल रहा है।