पहले राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि नेतृत्व दूसरे नामों पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, इन चर्चाओं को वीरवार रात की बैठक के बाद विराम मिल गया था। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चूंकि इन दोनों सीटों पर भाजपा की स्थिति अच्छी है। इस वजह से पहले से भरोसेमंद दोनों सांसदों पर दांव लगाया गया।
नई बनी राजोरी-अनंतनाग सीट पर संभावनाएं देखकर पार्टी बेदाग तथा दमदार छवि के प्रत्याशी की खोज कर रही है, ताकि इस सीट पर भी पहाड़ियों को एसटी आरक्षण व गुज्जरों के हक में किए गए फैसले के बल पर अपने पाले में किया जा सके।
जम्मू-कश्मीर की तीन व लद्दाख की एक सीट पर घोषणा बाकी
भाजपा की ओर से जम्मू-कश्मीर की तीन राजोरी-अनंतनाग, श्रीनगर व बारामुला तथा लद्दाख सीट पर घोषणा बाकी है। लद्दाख में मौजूदा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वहीं, जम्मू-कश्मीर की तीन सीटों पर तैयार पैनल पर गहन मंथन किया जा रहा है।
दोनों ही सांसद तीन लाख से अधिक वोटों से जीते थे
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जुगल किशोर शर्मा दोनों ही सांसदों ने पूर्व के 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। वर्ष 2014 में जम्मू सीट पर जुगल किशोर ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के स्व. मदन लाल शर्मा को सवा दो लाख के वोट अंतर से मात दी थी।
इसी तरह उधमपुर सीट पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने मौजूदा डीपीएपी के अध्यक्ष व जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को हराया था। इसके बाद 2019 में भी जम्मू की सीट पर जुगल ने 858060 वोट हासिल किए थे। इस सीट पर मुख्य प्रतिद्वंद्वी व मौजूदा प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला ने 555191 वोट हासिल किए थे।
उधमपुर सीट पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने 724311 वोट हासिल किए थे, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह ने 367059 वोट हासिल किए थे। दोनों ही बार भाजपा के सामने मुख्य रूप से कांग्रेस ने टक्कर दी है।