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कृष्णानगर ग्राउंड रिपोर्ट: रानी और महुआ के बीच प्लासी पर हो रहा युद्ध, 267 साल पुराने मैदान तक पहुंची बात

विजय त्रिपाठी Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 13 May 2024 07:17 AM IST

सार

पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट पर रानी अमृता राय और तेज तर्रार महुआ मोइत्रा के बीच 267 साल पुराने प्लासी पर एक और युद्ध लड़ा जा रहा है। चुनावी समर में कृष्णानगर के राजा कृष्णचंद्र राय पर अंग्रेजों का साथ देने का आरोप लगाते हुए रानी को घेरने की चाल चली जा रही है।
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अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

तेजतर्रार भाषणों के अलावा महुआ निजी जीवन को लेकर भी चर्चा या विवादों में रहती हैं। 50 साल की पूर्व निवेश बैंकर ने पहली शादी डेनिस फाइनेंसर लॉर्स ब्रॉर्सन से की थी, लेकिन जल्द ही तलाक हो गया। इसके बाद उनका नाम वकील जय अनंत देहाद्राई के साथ भी जुड़ा। मूल रूप से असमी हैं। पढ़ाई अमेरिका से करने के बाद लंदन और न्यूयॉर्क में बैंकिंग इंडस्ट्री में ऊंचे ओहदे पर नौकरी की। करोड़ों का वेतन छोड़ पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीति में एंट्री मारी। 

ऐन चुनाव के वक्त भाजपा में आईं रानी अमृता राय   


चुनाव की घोषणा के 4 दिन बाद भाजपा में शामिल होने वाली रानी अमृता राय  पार्टी का मास्टर स्ट्रोक मानी जा रही हैं। 18वीं सदी में कृष्णानगर के राजा कृष्णचंद्र राय के बंगाल के सामाजिक-आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों के जरिए तब किए गए विकास और उन्नति के काम को भाजपा अब भुनाना चाहती है। संगठन भी उन्हें ही चाहता था। राजा का बंगाली समाज में काफी सम्मान है। 

महुआ को सादी से खतरा 


वामपंथी सीपीएम प्रत्याशी एसएम सादी महुआ का खेल बिगाड़ सकते हैं। पिछले चुनाव में अलग-अलग लड़ने पर कांग्रेस को 38 हजार, सीपीएम को 1.20 लाख वोट मिले। महुआ 63 हजार वोटों से जीत पाईं थी। इस बार उन्हें कांग्रेस का समर्थन है। मुस्लिम बहुल प्लासीपारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके सादी बाकी दोनों प्रत्याशियों के मुकाबले जमीनी नेता हैं और मुस्लिमों के बीच अच्छी पैठ भी है।  

मतदाताओं की मिली-जुली राय 


संसदीय सीट पर हिंदू-मुस्लिम फैक्टर बहुत प्रभावी नहीं है। कोलकाता जाने वाले हाईवे पर बसे भजनगढ़ मोहल्ले में चाय की दुकान पर चर्चा में शामिल सुदीप मंडल दावा करते हैं कि महुआ जीतेगी, रानी को कोई नहीं जानता। पास खड़े रशीद शेख वोट किसको, इस सवाल पर दुकान पर लगे लाल झंडे की ओर इशारा कर देते है। लोगों की शिकायत है कि महुआ हों या रानी, दोनों यहां कम ही रहती हैं। ज्यादातर कोलकाता में ही दिखती हैं।निजी बैंक में कार्यरत सुकृति बोस कहती हैं, रानी से क्या लेना देना, वोट तो मोदी को देना है। सब्जी बाजार में मिले गुरुदेव गांगुली कहते हैं कि मोदी देश का गरब (गर्व) है, अमी मोदी को चाहे। दुकानदार रूपकुमार का कहना है कि दोनों का फिफ्टी-फिफ्टी चांस है। दीदी की महिलाओं को पैसा देने वाली योजना का जादू चलता है। शिबॉय नंदी कहते हैं महुआ ने विकास में पक्षपात किया।  

पिछले दो लोकसभा चुनावों का हाल 

                                                 लोकसभा चुनाव 2019
उम्मीदवार   दल मत% 
महुआ मोइत्रा तृणमूल  44.99 
कल्याण चौबे  भाजपा 40.37 

 

                                     लोकसभा चुनाव 2019
उम्मीदवार   दल मत% 
तापस पॉल तृणमूल  35.14
शांतनु झा सीपीएम 29.43 
सत्यब्रत मुखर्जी भाजपा 26.38 

 

 

       

      

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