के. सुरेंद्रन
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देश में इन दिनों चुनावी माहौल है। सत्ताधारी भाजपा ने रविवार को 111 और उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया। पांचवीं सूची में पार्टी ने वायनाड सांसद राहुल गांधी के सामने के. सुरेंद्रन को उतारा है। सुरेंद्रन केरल भाजपा के अध्यक्ष हैं।
पार्टी द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सुरेंद्रन ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस नेता को अमेठी जैसा ही परिणाम का सामना करना पड़ेगा। सुरेंद्रन ने कहा, 'वायनाड एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां विकास का संकट है। राहुल गांधी ने इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया है। वायनाड में उनका वही हश्र होगा जो पिछली बार उन्होंने अमेठी में किया था।'
2019 के लोकसभा चुनावों कैसे थे वायनाड के नतीजे?
वायनाड सीट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2019 में 4 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। राहुल ने पिछली बार सीपीआई के पीपी सुनीर को 4.31 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। भाजपा की सहयोगी भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) ने तुषार वेल्लापल्ली को मैदान में उतारा था। एनडीए उम्मीदवार को केवल 78,816 वोट (7.25 प्रतिशत) वोट मिले थे।
इस बार कौन-कौन हैं उम्मीदवार?
वायनाड से मौजूदा सांसद राहुल गांधी के प्रतिद्वंद्वी भाजपा केरल प्रमुख के सुरेंद्रन होंगे। जबकि वाम मोर्चा ने वरिष्ठ सीपीआई नेता एनी राजा को मैदान में उतारा है।
सुरेंद्रन ने कहा, 'केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने वायनाड निर्वाचन क्षेत्र में लड़ने के लिए कहा है। वायनाड के लोग निश्चित रूप से पूछेंगे कि इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेता एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक-दूसरे से क्यों चुनाव लड़ रहे हैं।'
इस बीच एनी राजा ने कहा कि वाम दल विरोधी उम्मीदवारों के आधार पर उम्मीदवारी तय नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, 'हम चुनाव प्रचार में बहुत आगे हैं। हम समाज के सभी वर्गों तक पहुंच चुके हैं।'