आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने चुनाव आयोग को बताया कि दूसरे चरण में जिन 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदान होगा, वहां के लिए मौसम का पूर्वानुमान 'सामान्य' है। बढ़ते तापमान को लेकर चिंताओं के बीच, आयोग ने सोमवार को संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक की। इस दौरान मौसम की स्थिति और लोकसभा चुनाव के दौरान गर्मी के कारण किसी भी खतरे को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई।
टास्क फोर्स का होगा गठन
इससे पहले आशंकाएं जाहिर की जा रही थीं कि लू मतदान को प्रभावित कर सकती है। यह बैठक इस चिंता के बीच भी आयोजित की गई। बैठक में यह फैसला हुआ कि एक टास्क फोर्स प्रत्येक मतदान चरण से पांच दिन पहले गर्मी और उमस के प्रभाव की समीक्षा करेगा, ताकि किसी भी चिंताजनक घटनाक्रम और आवश्यक उपायों के बारे में पता लगाया जा सके। इस टास्क फोर्स में चुनाव आयोग, आईएमडी, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी होंगे।
चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का भी निर्देश दिया, ताकि चुनाव संचालन को प्रभावित करने वाली गर्मी की स्थिति के लिए तैयार रहें और सहायता प्रदान करें।
मतदान केंद्रों पर टेंट, पीने के पानी की व्यवस्था
चुनाव आयोग मतदाताओं की सुविधा के लिए कदम उठाने पर विचार कर रहा है। आयोग मतदान केंद्रों पर टेंट, पीने का पानी, पंखे सहित पर्याप्त व्यवस्था मुहैया कराने के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ एक अलग समीक्षा करेगा।
आधिकारिक बयान में बताया कि चुनाव आयोग मौसम की रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रख रहा है और मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों, उम्मीदवारों और नेताओं के साथ-साथ मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करेगा।
बता दें कि चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं जो 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून को समाप्त होंगे। लोकसभा के पहले चरण के लिए मतदान संपन्न हो चुका है जबकि 26 अप्रैल को दूसरे दौर का मतदान होना है।