राज्यपाल बोस ने कहा, "मैं चाहता हूं कि राज्य के विश्वविद्यालय हिंसा से मुक्त हों और भारत में सर्वश्रेष्ठ हों।" उन्होंने रवीन्द्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र और स्वामी विवेकानन्द के नाम पर "भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा जगत" के लिए संघर्ष जारी रखने का वादा किया। अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति के राजभवन के हालिया कदम के बारे में बोलते हुए, बोस ने कहा, "मैंने उन्हें नियुक्त किया है, क्योंकि शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार द्वारा पहले की गई कुछ नियुक्तियों के खिलाफ फैसला सुनाया था।"
उन्होंने दावा किया, ''पहले नियुक्त किए गए कुछ कुलपतियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप थे। इस्तीफा देने वाले पांच कुलपतियों ने मुझे विश्वास के साथ बताया कि उन्हें धमकियां मिलीं। बोस ने कहा कि बंगाल की अगली पीढ़ी राज्य की सबसे बड़ी संपत्ति है।