हालांकि, अभी पश्चिम बंगाल बोर्ड की तरफ से दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने संबंधि कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। बोर्ड और सरकार अभी तक दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं के आयोजन के पक्ष में है। वहीं, दूसरी तरफ सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड सहित ही कई राज्य बोर्ड पहले ही दसवीं की परीक्षाओं को रद्द कर आंतरिक मूल्यांकन के जरिए छात्रों को पास करने की घोषणा कर चुके हैं।
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अब जब सीबीएसई की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी गई है, तो ऐसे में कई राज्य बोर्डों पर भी बारहवीं कक्षा की परीक्षा रद्द करने का दबाव होगा। हालांकि, अभी सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं कक्षा में विद्यार्थियों को किस आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया के जरिए पास किया जाएगा इसकी घोषणा करना बाकी है। इससे पहले 14 अप्रैल को सीबीएसई ने दसवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी। जबकि, उस वक्त बारहवीं की परीक्षाएं स्थगित की गई थी। अब देखना यह है कि जिन राज्यों के बोर्ड ने अभी तक दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द नहीं कि हैं वे क्या परीक्षाओं के आयोजन के पक्ष में निर्णय लेते हैं या फिर परीक्षाओं को रद्द करते हैं।