26 फरवरी को पूरे देश में हिंदू राष्ट्रवाद के जनक और अभिनव भारत के संस्थापक विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि मनाई गई। उनका निधन 1966 में हुआ था। इसी उपलक्ष्य में दिल्ली में सावरकर दर्शन प्रतिष्ठान की ओर से 26 और 27 फरवरी को अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाग लिया था। इस कार्यक्रम को सावरकर साहित्य सम्मेलन नाम दिया गया था।
कार्यक्रम में वीर सावरकर के बारे में गहन अध्ययन रखने वाले कई विद्वानों को आमंत्रित किया गया, जो आजादी की लड़ाई में सावरकर के योगदान पर चर्चा करने के साथ उन तमाम सवालों पर चर्चा की गई, जिसको लेकर विरोधी अक्सर सावरकर के योगदान पर प्रश्नचिह्न लगाने की कोशिश करते रहे हैं। क्या आप जानते है कि आखिर क्यों सावरकर को 'वीर' की उपाधि दी गई थी? आइए आपको बताते हैं इसके पीछे पूरी कहानी?