UP Board 2020: कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के बीच 05 मई से ग्रीन जोन वाले जिलों में उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मुल्यांकन शुरू हो गाया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जहां मुल्यांकन का कार्य शुरू हुआ है, वहां भी शिक्षकों की संख्या ज्यादा नहीं है। तीसरे चरण का लॉकडाउन 17 मई को खत्म होना है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएं, यह भी संभव नहीं दिख रहा है।
इससे यह बात तो साफ है कि तीसरे चरण के लॉकडाउन खुलने के बाद भी सभी जिलों में मूल्यांकन शुरू होना पूरी तरह संभव नहीं लगता। कोरोना वायरस को प्रकोप को देखते हुए सरकार ने जो सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइन जारी की है, उसमें सभी 1.46 लाख शिक्षकों के एक साथ उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने की गुंजाइस नहीं है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर के छात्रों की लगभग तीन करोड़ कॉपियां हैं, जिनका मुल्यांकन किया जाना है। इन कॉपियों को जांचनें में कम से कम 15 से 20 दिनों का समय तो लगना तय हैं। तो ऐसे में मूल्यांकन जून के पहले सप्ताह तक जा सकता है। उसके एक महीने बाद यानि जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में ही परिणाम आ सकता है।
परिणाम बनाने का सारा काम दिल्ली में होता है, वहां भी हालात सामान्य नहीं है, इसका असर भी परिणाम आने के समय पर पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड के पूर्व सचिव और पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक बासुदेव यादव ने बताया कि जब तक लॉकडाउन है उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराना संभव नहीं है। अगर उत्तर पुस्तिकाएं मई तक जांच दी जाती है, तो किसी तरह जून के अंत तक परिणाम आ सकते हैं, नहीं तो रिजल्ट जुलाई में आएगा।