उत्तर प्रदेश में बीएड के पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए पूल काउंसलिंग का आयोजन किया जा चुका है। इसके बाद भी पाठ्यक्रम में करीब 1 लाख 15 हजार सीटें अब भी खाली हैं। इसलिए बोर्ड द्वारा इन सीटों के लिए सीधे प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह प्रक्रिया आठ नवंबर से शुरू की जाएगी। इसके लिए महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट से अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद सभी उम्मीदवारों को नियमानुसार पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2021 के समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेयी ने इस मामले में बताया कि काउंसलिंग के इस तीसरे चरण का आयोजन केवलमहाविद्यालय के बीएड काउंसलिंग पोर्टल पर ही पूरी किया जाएगा। इसमें केवल उन्हीं उम्मीदवारों को शामिल होने का मौका दिया जाएगा जो वैद्य स्टेट-रैंक धारक हैं। काउंसलिंग की प्रक्रिया में केवल उन्हीं को मौका दिया जाएगा, जो मुख्य काउंसलिंग में शामिल न हुए हो या उन्हें मुख्य और पूल काउंसलिंग में शामिल होने के बाद भी कोई सीट न मिली हो। इसके लिए उम्मीदवारों को 750 रुपये शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। यह शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। कॉलेजों द्वारा उम्मीदवारों और उनके दस्तावेजों का सत्यापन जेईई बीएड काउंसलिंग पोर्टल पर उम्मीदवारों द्वारा दर्ज किए गए पंजीकृत और वैकल्पिक मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करके करना होगा।
16 नवम्बर से अल्पसंख्यक सीटों पर भी होंगे प्रवेश
बीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए अंतिम चरण का आयोजन 16 नवंबर को शुरू किया जाएगा। लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार बीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए ओपन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले तक अल्पसंख्यक कॉलेजों द्वार अलग से प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता था। हालांकि, इसमें काफी अधिक समय लगता था। अल्पसंख्यक संस्थान पहले ही मुख्य काउंसलिंग में अपनी 50 फीसद सीटों के लिए हिस्सा ले चुके हैं। अब बाकी बची 50 फीसद सीटों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, अल्पसंख्यक संस्थानों का इस प्रक्रिया में हिस्सा लेना अनिवार्य नहीं है, वह अपनी खाली सीटों को भरने के लिए इसमें हिस्सा ले सकते हैं।