विभागाध्यक्ष और कॉलेज के प्रिसिंपल विश्वविद्यालय को सूचित किए बिना डिपार्टमेंट नहीं छोड़ेंगे। उन्हें हमेशा दूरभाष पर उपलब्ध रहना होगा। यह भी कहा कि पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के बचे हुए पाठ्यक्रम को ऑनलाइन कक्षाओं के मोड में पूरा किया जाना चाहिए। यह निर्णय कोरोना वायरस स्थिति की वर्तमान दूसरी लहर, इससे जुड़े लॉकडाउन और छात्रों और कर्मचारियों के सामने आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
इससे पहले बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत दिल्ली, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य सरकारों ने भी कोविड-19 संक्रामक महामारी के मामलों के मद्देनजर अपने संबंधित सरकारी और निजी विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टियों की घोषणा कर दी है।