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12वीं के बाद इंडस्ट्री में इन कोर्सेज की बढ़ रही है मांग, प्रोफेशनल्स पा रहे अच्छी सैलरी

Sun, 14 Jul 2019 09:29 AM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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12वीं के बाद विद्यार्थियों द्वारा सही स्ट्रीम का चयन कोई सरल काम नहीं है। कौन सा कोर्स और कौन सा संस्थान चुनें, यह कई बार मुश्किल और उलझन भरा सवाल हो जाता है। वर्तमान में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की परंपरागत डिग्री के अलावा सैकड़ों प्रोफेशनल कोर्सेज उपलब्ध हैं। ऐसे में विद्यार्थी, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों को साथ बैठकर यह करियर का यह अहम फैसला लेना चाहिए कि वे बारहवीं के बाद कौन सा पाठ्यक्रम चुनें जो उपयोगी रहे। यहां हम आपको 12वीं में आपके विषयों के अनुसार कुछ ऐसे करियर स्ट्रीम्स के बारे में बता रहे हैं, जो इन दिनों काफी पसंद किये जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में प्रोफेशनल्स की अच्छी मांग भी है और सैलरी भी अच्छी मिलेगी... 

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कॉमर्स के स्टूडेंट्स के लिए

कॉमर्स के विद्यार्थियों के लिए बीकॉम के अलावा बीबीए की डिग्री लंबे समय से चली आ रही है। अब वक्त है इनमें थोड़ा ट्विस्ट जोड़ने का। बीकॉम ऑनर्स से अलग अगर आप बीकॉम टैक्सेशन, बीकॉम कम्प्यूटर, बीकॉम फॉरेन ट्रेड जैसे कोर्स करते हैं, तो आप भीड़ से अलग होंगे। इनके अलावा कॉमर्स के स्टूडेंट्स चार्टर्ड अकाउंटेंसी, बैचलर इन फाइनेंशियल एंड इन्वेस्टमेंट एनालिसिस, बैचलर इन होटल मैनेजमेंट, बैचलर इन इकोनॉमिक्स, बैचलर इन इवेंट मैनेजमेंट, बैचलर इन रीटेल मैनेजमेंट, बैचलर इन  स्टेटिस्टिक्स, कंपनी सेक्रेटरी, बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज, बैचलर ऑफ मैनेजमेंट (बीएमएस), बैचलर इन फाइनेंशियल अकाउंटिंग जैसे कोर्सेज आपको उद्योग की मांग के अनुसार एक एक्सपर्ट प्रोफेशनल के रूप में तैयार करेंगे।

आर्ट्स के स्टूडेंट्स के लिए

आर्ट्स स्टूडेंट्स के पास भी साइंस और कॉमर्स की तरह ही 12वीं के बाद करियर के अनेकों विकल्प मौजूद हैं। आपको बस अपनी पसंद के अनुसार इनका चुनाव करना होगा। आर्ट्स स्टूडेंट्स के लिए जिन कोर्सेज की मांग ज्यादा है और जहां आपका करियर सुनहरा हो सकता है, ऐसे कुछ कोर्सेज हैं - बैचलर ऑफ फाइन आर्टस्, बैचलर इन इवेंट मैनेजमेंट, बैचलर इन एपेरल डिजाइन, बैचलर इन ग्राफिक डिजाइन, बैचलर इन साइकोलॉजी, बैचलर इन पब्लिक रिलेशन, बैचलर इन जियोग्राफी, बैचलर इन पॉलिटिकल साइंस, बैचलर इन हिस्ट्री व अन्य।

इनके अलावा बीए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, बैचलर इन होटल मैनेजमेंट, बैचलर इन ट्रेवल एंड टूरिजम, बैचलर ऑफ डिजाइन इन फैशन, टेक्सटाइल, फिल्म मेकिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, बैचलर इन एलीमेंटरी एजुकेशन, बैचलर इन एडवर्टाइजिंग, बैचलर इन फॉरेन लैंग्वेज, बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंसेज, बैचलर ऑफ सोशल वर्क (जीएसडब्ल्यू), बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन, बैचलर इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन जैसे कोर्सेज भी स्टूडेंट्स के बीच काफी डिमांड में हैं। देश की अधिकांश यूनिवर्सिटीज में ये कोर्सेज संचालित भी किये जा रहे हैं।

इतिहास, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, अंग्रेजी साहित्य, राजनीति विज्ञान, भूगोल, मनोविज्ञान, हिन्दी साहित्य जैसे विषयों में बैचलर डिग्री काफी पुराने हैं। लेकिन ये वापस ट्रेंड में लौट रहे हैं। इस बार भी दिल्ली विश्वविद्यालय में बीए पॉलिटिकल साइंस के लिए बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने आवेदन किया। ये सबसे ज्यादा पॉपुलर कोर्सेज में से एक रहा। इतना ही नहीं, इसमें कट-ऑफ भी सबसे ज्यादा रहा।

साइंस (बायोलॉजी) के स्टूडेंट्स के लिए

अगर आपने 12वीं में बायोलॉजी के साथ साइंस की पढ़ाई की है, तो सबसे पहला सपना होता है मेडिकल, यानी एमबीबीएस करने का। लेकिन जरूरी नहीं कि बायोलॉजी पढ़ने वाला हर स्टूडेंट एमबीबीएस ही कर ले। इसके अलावा भी ऐसे कोर्सेज हैं जो आपको मेडिकल के अन्य क्षेत्रों में सुनहरा भविष्य दे सकते हैं। ऐसे कुछ कोर्सेज हैं - बैचलर ऑफ होमियोपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस), बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस), बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस), बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस), बैचलर ऑफ वेटेरिनरी साइंस (बीवीएमएस), फार्मेसी, नर्सिंग, बीएससी इन बॉटनी, बीएससी इन जूलॉजी, बीएससी इन एन्थ्रोपोलॉजी, बीएससी इन जेनेटिक्स, बीएससी इन माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी इन बायोटेक्नोलॉजी, बीएससी इन बायो केमिस्ट्री, बीएससी इन बायो मेडिकल साइंस, बैचलर इन फिजियोथैरेपी, बैचलर इन फार्मेसी, बैचलर इन मेडिकल टेक्नोलॉजी, बीएससी इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बीएससी इन ऑडियोलॉजी, स्पीच एवं लैंग्वेज पैथोलॉजी, बीएससी इन रेडियोग्राफी, बीएससी इन रिहैबिलिटेशन थेरेपी, बीएससी इन फूड टेक्नोलॉजी, बीएससी इन न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स व अन्य। 

आजकल इन सभी क्षेत्रों में पेशेवर लोगों की जरूरत है। इन क्षेत्रों में रिसर्चर्स की मांग भी बढ़ रही है। इनमें से कई ऐसे कोर्सेज हैं जहां अभी भीड़ ज्यादा नहीं है। यानी आपके पास मौका है आगे बढ़कर बेहतर अवसर हासिल करने का। कई यूनिवर्सिटीज अपनी अलग प्रवेश परीक्षा के जरिए इन कोर्सेज में प्रवेश लेती हैं।
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साइंस (मैथ्स) के स्टूडेंट्स के लिए

साइंस मैथ्स से 12वीं करने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स बीई (इंजीनियरिंग) करते हैं। अगर आपकी इंजीनियरिंग में रुचि है, तो आप अपनी पसंद के अनुसार स्ट्रीम चुनकर इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। लेकिन अगर आपको इंजीनियरिंग की भीड़ से अलग कोई विशिष्ट कोर्स करना है तो डेटा साइंटिस्ट, डेटा एनालिस्ट, इनवेस्टमेंट बैंकर, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र चुन सकते हैं। ये क्षेत्र नए हैं और इनमें कमाई भी काफी अच्छी है।

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मैथ्स पर जिनलोगों की पकड़ है उनके लिए सांख्यिकी में करियर बनाना बहुत अच्छा विकल्प है। डेटा का विश्लेषण करना और नतीजों को पाई चार्ट्स, बार ग्राफ, टेबल आदि के रूप में प्रस्तुत करना एक सांख्यिकीविद का काम होता है। हेल्थकेयर, शिक्षा समेत कई फील्ड में सांख्यिकीविद की काफी मांग है। सांख्यिकीविद बनने के लिए आपके पास मैथमेटिक्स / स्टैटिस्टिक्स में बैचलर की डिग्री होनी चाहिए।

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अर्थशास्त्री बनने के लिए इकोनॉमिक्स में बैचलर की डिग्री होना और मैथ्स पर अच्छी पकड़ होना जरूरी है। आप इकोनॉमिक्स / इकनोमेट्रिक्स / अप्लायड इकोनॉमिक्स में डिग्री ले सकते हैं। इसके अलावा आप साइकोमेट्रिशन का कोर्स कर सकते हैं। 

स्टॉक मार्केट ऐनालिस्ट (Stock market analyst) को इक्विटी ऐनालिस्ट भी कहा जाता है। जो लोग मैथ्स में अच्छे होते हैं वे आसानी से बड़ी संख्या में डेटा का विश्लेषण कर सकते हैं और समस्याओं को हल कर सकते हैं। 

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