प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ एस राधाकृष्णन को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डॉ राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर कहा कि मैं डॉ एस राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी विशिष्ट छात्रवृत्ति के साथ-साथ हमारे देश में योगदान को याद करता हूं। वहीं शनिवार को, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देश भर के शिक्षकों को बधाई दी और एक मजबूत व समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के लिए शिक्षण समुदाय का आभार व्यक्त किया।
भारत के पहले उपराष्ट्रपति (1952-1962) और शिक्षक व दार्शनिक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को चिह्नित करने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन बच्चों और उनके गुरुओं के बीच के बंधन का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है जो उनके जीवन को कई तरह से प्रभावित करते हैं। डॉ राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति (1962-1967) भी थे। अपनी सभी उपलब्धियों और योगदानों के बावजूद, डॉ राधाकृष्णन जीवन भर शिक्षक बने रहे। उनका मानना था कि सच्चे शिक्षक वे हैं जो हमें अपने लिए सोचने में मदद करते हैं।