भाजपा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
छठवीं कक्षा की छात्रा का वीडियो सामने आने के बाद से ही राज्य के विपक्षी दल और भाजपा ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। तमिलनाडु सरकार ने मामले में जांच रिपोर्ट तलब की है। राज्य के शिक्षा मंत्री अन्बिल महेश ने बताया कि कन्याकुमारी की कक्षा छठवीं की छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी, कि शिक्षक द्वारा धर्मांतरण के प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक द्वारा श्रीमद्भागवद्गीता को लेकर गलत एवं भ्रामक बातें तथा क्रिश्चियनिटी को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा था।
शिक्षा मंत्री बोले- आरोपी शिक्षक को निलंबित किया
तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री अन्बिल महेश ने कहा कि कन्याकुमारी के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले हिंदू धर्म को नीचा दिखाने और ईसाई धर्म का प्रचार करने का आरोप आरोपी शिक्षक को निलंबित किया गया है। साथ ही विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। वहीं, सभी सरकारी स्कूलों को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठने की आवश्यकता है और नियुक्ति संबंधी सर्कुलर भेजे हैं।
आरोप साबित हुए तो सख्त कार्रवाई होगी
आरोपों को संज्ञान में लेते हुए कन्याकुमारी के मुख्य शिक्षा अधिकारी पुगाझेंडी ने बुधवार को मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, मैंने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल का दौरा करने और जांच करने का आदेश दिया है। एक बार जांच का विवरण सामने आने के बाद, हम आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे। पुगाझेंडी ने आगे कहा कि अगर शिक्षक के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लंच ब्रेक के बाद अलग प्रार्थना करवाता था टीचर
दरअसल, तमिलनाडु के कन्याकुमारी में कन्नातुविलई सरकारी स्कूल के छात्रों ने आरोप लगाया कि सिलाई शिक्षक ने कक्षाओं के दौरान ईसाई धर्म का प्रचार करते हैं। पियात्रिस थंगम नामक शिक्षक ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे। इतना ही नहीं प्रायोगिक कार्य में डिजाइन सिखाने से पहले विशेष धार्मिक चिह्न वाले कपड़े सिलने के लिए मजबूर करते थे। वहीं, कुछ छात्रों के अनुसार, शिक्षक उन्हें कक्षाओं से बुलाकर लंच ब्रेक के बाद घुटने टेककर प्रार्थना करवाते थे। कई बार कक्षा के दौरान भी ईसाई धर्म की प्रार्थना के लिए मजबूर किया गया।