पीठ ने कहा, यदि आपको कई परीक्षाओं में शामिल होना है, तो आपको चुनाव करने की जरूरत है, आपको प्राथमिकता देनी होगी। आपको यह भी पता होना चाहिए कि किसी भी स्थगन का किसी अन्य परीक्षा के साथ टकराव होने की संभावना है।
बता दें कि 03 सितंबर को, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, भले ही सीबीएसई के परिणाम तब तक घोषित न किए जाएं।एनटीए ने कहा, परिणाम की घोषणा न करने तक छात्रों को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा और परिणाम केवल काउंसलिंग के दौरान ही मांगे जाएंगे।
गौरतलब है कि सीबीएसई कक्षा 12वीं के प्राइवेट, पत्राचार और कम्पार्टमेंट परीक्षा देने वाले छात्रों के एक समूह द्वारा दायर याचिका में 12 सितंबर को नीट यूजी 2021 के आयोजन के सार्वजनिक नोटिस को स्पष्ट रूप से मनमाना और भारत के संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है।