प्रक्रिया और अनुभव भारतीय पक्ष के साथ साझा किए
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने बीजिंग में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि चीन भारतीय छात्रों की पढ़ाई के लिए वापस यहां लौटने की चिंताओं को बहुत महत्व देता है। लिजियन ने कहा कि हमने अन्य देशों के छात्रों के चीन लौटने की प्रक्रिया और अनुभव को भारतीय पक्षों के साथ साझा किया है। इसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
छात्रों की सूची साझा करे भारतीय पक्ष
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारतीय छात्रों की वापसी का काम पहले ही शुरू हो चुका है। केवल भारतीय पक्ष को उन छात्रों की सूची हमें प्रदान करनी है, जिन्हें वास्तव में चीन वापस आने की आवश्यकता है।
23,000 से अधिक भारतीय छात्र देश में फंसे
प्रवक्ता लिजियन ने कहा कि पहले की रिपोर्टों के अनुसार, 23,000 से अधिक भारतीय छात्र ऐसे हैं, जो अधिकांश चीन में स्थित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चिकित्सा पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर रहे हैं। ये छात्र दिसंबर 2019 में चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद अपने घर लौट गए थे और तब से वहीं भारत में ही फंस गए हैं।
चीन ने भारतीयों के लिए उड़ानें और वीजा रद्द किए थे
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए चीनी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वे दोबारा चीन नहीं लौट सके हैं। तब से, उन्होंने अपनी कक्षाओं में फिर से शामिल होने के लिए और चीन लौटने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। लेकिन उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं तक ही सीमित रहना पड़ा, क्योंकि चीन की ओर से भारतीय यात्रियों के लिए सभी उड़ानें और वीजा रद्द कर दिए थे।