एनटीए के भरोसे न रहें, तैयार रखें बैकअप प्लान: छात्र
बलिया निवासी छात्र फरदीन पहली बार सीयूईटी-यूजी परीक्षा में शामिल हुए। उन्हें सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बीकॉम पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना था। फरदीन का कहना है, "हम बीच मझधार में खड़े हैं। दाखिला निजी विश्वविद्यालय में लें या फिर सीयूईटी रिजल्ट का इंतजार करें। निजी विश्वविद्यालय में भी अब सीटें फुल होती जा रही हैं। हमारे यहां के लगभग सभी कॉलेज में सीट फुल हो चुकी हैं। अगर यहां दाखिला नहीं लिया तो हमें ड्रॉप लेना पड़ेगा। एनटीए के भरोसे न रहे, बैक-अप प्लान लेकर चले, जिससे साल खराब न हो।"
अच्छे कॉलेजों की सीट्स फुल होती जा रही हैं
रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्रों ने अभी तक दूसरे कॉलेजों में भी एडमिशन नहीं लिया है। रिया गंगवार का कहना है, "अभी तो इंतजार ही कर रहे हैं। आसपास के सभी अच्छे कॉलेजों में एडमिशन बंद होते जा रहे हैं। दोस्तों से बात हुई तो उनका भी यही कहना है कि यहां जो के अच्छे कॉलेज वहां सीट्स लगभग फुल हो चुकी हैं।"
साल बर्बाद होने का सता रहा डर
एक अन्य छात्र मौ. इजहार का कहना है "सीयूईटी में कॉम्पीटीशन ज्यादा रहता है। पहली बार परीक्षा में शामिल हुए, कोई सही मार्गदर्शन करने वाला भी नहीं था। ऐसे में रिजल्ट में देरी से न सिर्फ सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने का सपना अधूरा होता दिख रहा है, बल्कि पूरा साल भी बर्बाद होने का डर है।"
प्राइवेट कॉलेज या ड्रॉप होगा विकल्प
नवलीन कौर का कहना है, "हमने जी-जान लगाकर सीयूईटी-यूजी की तैयारी की थी। इसलिए दूसरी प्रवेश परीक्षाओं पर उतना ध्यान नहीं दिया। रिजल्ट आने के बाद भी प्रवेश के लि एक लंबी प्रक्रिया होती है। ऐसे में यदि नंबर अच्छे नहीं आते हैं तो किसी प्राइवेट कॉलेज में ही एडमिशन लेना होगा या फिर ड्रॉप लेना पड़ेगा।"
छात्र अपना रहे 'प्लान बी'
कुछ छात्रों ने बैकअप के तौर पर अपने 'प्लान बी' को लागू भी कर दिया है। छात्र अनिकेत सिंह को यूजी में किसी कॉलेज में दाखिले की चाह है, लेकिन उन्हें अब तक यह नहीं पता कि कब दाखिले शुरू होंगे और उन्हें दाखिला मिलेगा या नहीं। हालांकि, उन्होंने सीयूईटी की परीक्षा दी है। सीट सुरक्षित करने के लिए उन्होंने जयपुर के एक संस्थान में दाखिला ले लिया है। इसके लिए उन्होंने मोटी फीस का भुगतान भी किया है।
अब यदि जुलाई-अगस्त में उन्हें डीयू में दाखिला मिल जाता है तो वह जयपुर वाला दाखिला रद्द कराएंगे। उन्हें डर है कि डीयू में देरी से प्रवेश मिला तो शायद जयपुर वाले संस्थान की फीस फंस न जाए।
एक छात्र ने बताया कि वह पुणे के संस्थान में दाखिला लेने की सोच रहा है। गौरी ने चैन्नई के एक संस्थान में दाखिला लेने की तैयारी कर ली है। एक छात्र कीर्ति ने कहा कि क्या मैं बेवकूफ हूं जो कि कॉलेज की सीट प्राप्त करने के लिए सीयूईटी रिजल्ट का इंतजार करूं। आश्चर्य की बात यह है कि मेरे कई दोस्तों की कुछ अन्य कॉलेजों में कक्षाएं तक शुरू होने वाली हैं।