शिक्षक पर्व 2021 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनईपी 2020 के एक हिस्से के रूप में कई महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। आज सुबह 10:30 बजे से उद्घाटन सम्मेलन में भाग लेते हुए, पीएम मोदी ने दर्शकों को संबोधित किया और शिक्षक दिवस के समारोह को चिह्नित किया। उसके बाद प्रधानमंत्री ने पांच पहलों की शुरुआत की, जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण पहल - विकलांग व्यक्तियों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश और सीबीएसई का स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और मान्यता ढांचा (एसक्यूएए) है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जल्द ही इन पहलों को लागू किया जाएगा और निकट भविष्य में इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनाया जाएगा।
शिक्षक पर्व 2021 के कॉन्क्लेव में पीएम मोदी ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के साथ 'सबका प्रयास' इस समय के दौरान एक मौलिक विचार है। महामारी के दौरान शिक्षकों द्वारा किए गए कार्यों पर विस्तार से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत में, शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंध एक परिवार की तरह होता है, औपचारिक नहीं। शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने समग्र बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं।