इधर डिग्री मिली और उधर हाथों में ज्वॉइनिंग लेटर... इससे अच्छी बात भला और क्या हो सकती है। हर स्टूडेंट चाहता है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अपने तरीके से एक नई उड़ान भरे। कुछ ऐसा ही हुआ है संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ। इस साल यहां के 97 प्रतिशत छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनियों से ऑफर लेटर मिले।
संस्कृति यूनिवर्सिटी के हेड कॉरपोरेट रिलेशन ऑफिसर आरके शर्मा ने कहा कि तेजी से बदल रहे परिवेश में कंपनियों ने सलेक्शन को काफी टफ बना दिया है। इस दौर में बड़ी-बड़ी कंपनियां टेक्निकली साउंड होने के साथ नई सोच रखने वाले स्टूडेंट्स को ही मौका दे रही हैं। यही वजह है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी ने छात्रों को स्किल्स को शार्प करने और उन्हें मोटीवेट करने के लिए एक अलग डिपार्टमेंट ही बना दिया है। इस डिपार्टमेंट टीचर्स स्टूडेंट्स की कमजोरी और ताकत दोनों को अच्छे से पहचानते हैं और उन्हें ट्रेंड करते हैं।
संस्कृति यूनिवर्सिटी की कॉरपोरेट रिलेशन मैनेजर तान्या उपाध्याय बताया कि कैंपस प्लेसमेंट के दौरान मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, कम्प्यूटर साइंस, फैशन डिजाइनिंग, बीएससी और एमएससी के 97 प्रतिशत छात्रों को बड़ी-बड़ी कंपनियों में जॉब मिल चुकी है।
तान्या के मुताबिक, संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीटेक के 95 प्रतिशत, डिप्लोमा के 98 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल बीटेक के 93 प्रतिशत, डिप्लोमा के 100 प्रतिशत, सिविल बीटेक 94 प्रतिशत तो डिप्लोमा के 96 प्रतिशत, कम्प्यूटर साइंस बीटेक 100 प्रतिशत तो डिप्लोमा के 93 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को कंपनियों से ज्वॉनिंग लेटर मिले।