जी-20 देशों के संगठन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने एक ट्वीट में उल्लेख किया कि बैठक के दौरान पहले सत्र में शिक्षा प्रणालियों पर स्वास्थ्य आपातकाल का प्रभाव, महामारी के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर शिक्षा प्रणाली का भविष्य और स्कूल से वर्क प्लेस तक का सफर आदि विषयों पर विमर्श होगा। वहीं, दूसरे सत्र में शिक्षा और श्रम और रोजगार से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
भारत की आभासी भागीदारी
शिक्षा के विषय पर जी-20 मंत्री स्तरीय बैठक इटली की अध्यक्षता में कैटेनिया में आयोजित की जाएगी। चूंकि, कोरोना महामारी के व्यापक प्रकोप के कारण हवाई यात्राओं पर पाबंदियां जारी हैं। इसलिए, भारत से केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी ऑनलाइन भाग लेंगे।
क्या है जी-20 देशों का समूह
जी-20 एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। इसकी स्थापना 1999 में हुई थी। जी-20 की अध्यक्षता हर बार किसी एक अलग सदस्य देश को मिलती है। अध्यक्षता वाला देश अन्य सदस्य देशों को सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। अभी जी-20 देशों के समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, भारत, इंडोनेशिया, इटली, मैक्सिको, रूस, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपियन संघ आदि सदस्य हैं। जबकि, स्पेन को भी स्थायी अतिथि, तो वहीं, नीदरलैंड्स और सिंगापुर को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।