प्रकाश फुलवारिया ने राजस्थान बोर्ड के कला परीक्षा में 99.20 फीसदी अंक हासिल कर सूबे में दूसरा स्थान हासिल किया है। बाड़मेर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल लौहारवा के छात्र प्रकाश ने हिंदी और इतिहास में 100 में से 100 नंबर हासिल किए हैं। साधारण से परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रकाश के पिता मजदूर हैं और लकवा से ग्रसित होने की वजह से बिस्तर पर हैं। उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, फिर भी प्रकाश ने मेहनत और संघर्ष के बदौलत सूबे में दूसरा स्थान हासिल कर परिवार का नाम रौशन किया।
आईएएस अधिकारी बनने का है ख्वाब
प्रकाश आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं। उनका कहना है, मैं उन लोगों की मदद के लिए आईएएस अधिकारी बनना चाहता हूं, जिन्हें मेरी तरह पढ़ाई करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। पिता चनणाराम कमठा के बीमार होने की वजह से प्रकाश के परिवार का भरण-पोषण काफी मुश्किल से होता है।
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प्रकाश का कहना है कि उन्हें सभी पांचों विषयों में सौ में सौ नंबर आने की उम्मीद थी। उनके हिंदी साहित्य और अंग्रेजी में 99-99 और राजनीति विज्ञान में 98 नंबर आए हैं। उनका कहना है, मैंने कड़ी मेहनत की थी। मुझे सभी विषयों में पूरे में से पूरे नंबर लाने की उम्मीद थी। उनकी बड़ी बहन बारहवीं में 83 फीसदी नंबर लाई हैं।
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'बिजली जाने से कई बार टॉर्च जलाकर पढ़ना पड़ा'
प्रकाश कहते हैं कि उनके गांव में बिजली कटौती बड़ी समस्या है। इसकी वजह से कई बार उनको और उनकी बहन को टॉर्च जलाकर बारहवीं की तैयारी करनी पड़ी। प्रकाश सीविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं और आईएएस अधिकारी बन गरीब बच्चों की मदद करना चाहते हैं। दसवीं में उन्होंने 97 फीसदी नंबर हासिल किए थे। प्रदेश के शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने भी प्रकाश को बधाई दी है।