इस समझौते का उद्देश्य ज्ञान और इनोवेशन के नए आयाम लाना है
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दिनेश शास्त्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए भारत की पौराणिक और प्राचीन भाषा को गहराई से जानने और सराहने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षण-अध्ययन के माहौल और शोध क्षमताओं में वृद्धि होगी।
क्वांटम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर विवेक कुमार ने इस समझौते को यूनिवर्सिटी के लिए एक माइलस्टोन बताया, जो दर्शाता है कि यह अकादमिक उत्कृष्टता और सहयोग में एक नया मानदंड स्थापित करता है।
कुलाधिपति श्री अजय गोयल ने समझौता ज्ञापन के बारे में अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, "यह आपसी समझौता
क्वांटम यूनिवर्सिटी और उत्तराखंड संस्कृत यूनिवर्सिटी दोनों के लिए अकादमिक उत्कृष्टता, इनोवेशन और सांस्कृतिक समृद्धि की ओर एक आशाजनक यात्रा की शुरुआत है।"
क्वांटम यूनिवर्सिटी एक अग्रगामी सोच वाली संस्था है जो अकादमिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक इनोवेशन का मिश्रण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विविध प्रकार के कार्यक्रमों और समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, यूनिवर्सिटी का उद्देश्य छात्रों को लगातार बदलते वैश्विक परिवेश में सफल होने के लिए सशक्त बनाना है। यह समझौता ज्ञापन अंतः विषयक शिक्षा को सुविधाजनक बनाने और सहयोगी पहलों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए क्वांटम के दायित्व को उजागर करता है।