गुरुवार से शुरू की जाने वाली 10 पहलों में से कक्षा पहली के छात्रों के लिए विद्या प्रवेश यानी तीन महीने का खेल आधारित स्कूल जो विद्यार्थियों का विद्यालय जाने के लिए तैयार करेगा शामिल है; माध्यमिक स्तर पर एक विषय के रूप में भारतीय सांकेतिक भाषा; और राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा डिज़ाइन किया गया शिक्षक प्रशिक्षण का एक एकीकृत कार्यक्रम, निष्ठा 2.0 का अनावरण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रेड तीसरी, पांचवी और आठवीं के छात्रों के लिए एक योग्यता आधारित मूल्यांकन ढांचा, स्ट्रक्चर्ड असेसमेंट फॉर एनालिसिस लर्निंग लेवल (SAFAL) नामक एक नई पहल की भी घोषणा करेंगे। इसके अलावा मोदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को समर्पित एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी अनावरण करेंगे। इनमें से अधिकांश योजनाएं नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और इसके प्रावधानों के अनुरूप हैं।
पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री नेशनल डिजिटल एजुकेशन आर्किटेक्चर (एनडीईएआर) और नेशनल एजुकेशन टेक्नोलॉजी फोरम (एनईटीएफ) भी लॉन्च करेंगे। जहां एनडीईएआर एकल मंच होगा जो शिक्षा क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के लिए डिजिटल समाधान प्रदर्शित करेगा, वहीं एनईटीएफ को एक स्वायत्त निकाय के रूप में प्रस्तावित किया गया है जो शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित हस्तक्षेपों पर केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों को साक्ष्य (एविडेंस)-आधारित सलाह प्रदान करेगा।