परीक्षा परिणाम देखते छात्र (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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ओडिशा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (बीएसई) ने छात्रों और अभिभावकों के राज्यव्यापी विरोध के बीच मैट्रिक छात्रों के परिणाम तैयार करने के लिए अपनाए गए वैकल्पिक तरीके में भेदभाव से इनकार किया है। बीएसई के अध्यक्ष रामाशीष हाजरा ने कहा कि प्रसिद्ध शिक्षाविदों के परामर्श और अन्य राज्यों द्वारा अपनाई गई नीति को देखने के बाद बीएसई ने मूल्यांकन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए थे। जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ साझा किया गया। बाद में, विस्तृत मूल्यांकन नीति भी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई थी।
पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा छात्रों को मिला ए-1 ग्रेड
अध्यक्ष का कहना है कि बोर्ड ने छात्रों के पिछले प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए, हमने परिणामों की घोषणा की। इस बार ए-1 ग्रेड में पास हुए छात्रों की संख्या पिछले साल की तुलना में दोगुनी है। इसी तरह इस साल ए-2 ग्रेड में तीन गुना अधिक छात्रों ने परीक्षा पास की है। राज्य में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के लिए तकरीबन 500,000 छात्रों ने पंजीकरण कराया था।