ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग ने जेई (सिविल) मुख्य परीक्षा के 55 उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ओएसएससी के चेयरपर्सन अभय ने यह जानकारी दी कि नोटिस में पूछा गया कि उम्मीदवारों को पैनल की भर्ती से आजीवन रोक क्यों नहीं लगाई जाए।
अभय ने ट्विटर पर एक पोस्ट डाला, जिसमें उन्होंने लिखा, बालासोर एसपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओएसएससी ने 28 जुलाई को 55 उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि उम्मीदवारों को ओएसएससी की भर्ती से जीवनभर के लिए क्यों न रोक दिया जाए।
अभय ने यह भी बताया कि शेष 37 उम्मीदवारों को उनके आवेदन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को आवेदन से जोड़ने में मदद के लिए पुलिस से कुछ और जानकारी भी मांगी गई है।
ओएसएससी की कार्रवाई बालासोर एसपी सागरिका नाथ द्वारा भर्ती पैनल से कुछ उम्मीदवारों को बाहर करने की सिफारिश के बाद आई थी। ये उम्मीदवार 16 जून को जेई (सिविल) मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र को लीक करने वाले रैकेट के संपर्क में थे।
सपी द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद ओएसएससी ने 23 जून को लिखित परीक्षा रद्द कर दी। आयोग ने बाद में परीक्षा को तीन सितंबर
बालासोर ए के लिए पुनर्निर्धारित किया है। एक प्रेस कॉन्फेरेंस में बालासोर पुलिस ने कहा कि प्रश्नपत्र राज्य के बाहर स्थित प्रिंटिग प्रेस से लीक हुआ है, जहां ओएसएससी ने छपाई के लिए भेजा था।
पुलिस ने इस मामले का मास्टरमाइंड समेत 17 लोगों को अबतक गिरफ्तार कर चुकी है। मास्टरमाइंड बिहार का एक सरकारी कर्मचारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपी पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश और ओडिशा का रहने वाला है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो ओडिशा सरकार के अधीन कार्यरत शिक्षक थे।
भाजपा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है, वहीं कांग्रेस हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग कर रही है।