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NEET UG: 'एनटीए को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मुद्दे न उठें' सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को हिदायत

Tue, 23 Jul 2024 05:56 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Supreme Court on NEET: नीट मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की सात सदस्यीय समिति विशेषज्ञ समिति के गठन पर गौर किया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि एनटीए को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मुद्दे न उठें।
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NEET UG, नीट यूजी 2024 - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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NEET UG 2024: मंगलवार, 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के आयोजन में अनियमितताओं और कदाचार का आरोप लगाने वाली 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने पर फैसला सुनाते हुए सीजेआई ने कहा कि यह सच है कि पेपर लीक हुआ है, इसपर कोई विवाद नहीं है। साथ ही, शीर्ष कोर्ट ने एनटीए से कहा है कि उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मुद्दे न उठें।

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23 लाख छात्रों के करियर का सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने कहा याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाया गया मुख्य मुद्दा यह है कि दोबारा परीक्षा का आदेश दिया जाना चाहिए क्योंकि पेपर लीक हुआ था और परीक्षा के संचालन में प्रणालीगत कमियां थीं। वर्तमान जैसे मामले में, यह जरूरी है कि इस विवाद को तत्काल निश्चितता और अंतिमता प्रदान की जाए, क्योंकि इससे 23 लाख से अधिक छात्रों का करियर प्रभावित होता है।

सीबीआई के खुलासे से पता चलता है कि जांच अभी भी पूरी नहीं हुई है, लेकिन पटना और हजारीबाग के अभ्यर्थी लीक से लाभान्वित हुए प्रतीत होते हैं।

दोबारा परीक्षा की मांग वाली याचिका खारिज

रिकॉर्ड पर उपलब्ध आंकड़े प्रश्नपत्र के व्यवस्थित लीक होने का संकेत नहीं देते, जिससे परीक्षा की पवित्रता में व्यवधान उत्पन्न होने का संकेत मिलता हो। सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, रिकॉर्ड में ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो यह दर्शा सके कि परीक्षा के परिणाम दूषित थे या परीक्षा के संचालन में कोई प्रणालीगत उल्लंघन हुआ था।
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शीर्ष अदालत की एनटीए को हिदायत

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने नीट-यूजी परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने और भविष्य की समस्याओं को रोकने के लिए संघ द्वारा सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन पर गौर किया। न्यायालय ने एनटीए द्वारा स्थानांतरण याचिकाओं का निपटारा कर दिया है और समिति को न्यायालय द्वारा जारी निर्देश का पालन करने का निर्देश दिया है।

बता दें, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने बीते सोमवार को हुई सुनवाई में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-दिल्ली के निदेशक से अपने तीन बेहतरीन प्रोफेसरों को परीक्षा के भौतिकी के पेपर में एक पेचीदा और "अस्पष्ट" प्रश्न को 24 घंटे के भीतर हल करने और वापस रिपोर्ट करने के लिए कहा था।
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