विश्व भारती विश्वविद्यालय
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लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, प्रशासन को कड़ी नजर रखनी होगी ताकि विश्वविद्यालय सुचारू रूप से चले। विश्व भारती विश्वविद्यालय क्षेत्र में किसी भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू करने के निर्देश देते हुए शांति निकेतन पुलिस थाने को हाईकोर्ट में पालना रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।
विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति विद्युत चक्रवर्ती
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27 अगस्त से कुलपति आवास का कर रखा घेराव
गौरतलब है कि छात्रों और प्रबंधन के बीच गतिरोध के बीच, विश्व भारती विश्वविद्यालय ने चल रहे आंदोलन को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। छात्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर विरोध - प्रदर्शन कर रहे हैं और 27 अगस्त से कुलपति विद्युत चक्रवर्ती के आधिकारिक आवास का घेराव कर रहे हैं। तब से ही कुलपति अपने आवास में कैद है। गुरुवार को इस मामले को लेकर शिक्षकों के एक गुट ने विश्व भारती विश्वविद्यालय के चांसलर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कुलपति विद्युत चक्रवर्ती को हटाने की मांग की थी। शिक्षकों के गुट ने कुलपति के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग भी की थी।
विश्व भारती विश्वविद्यालय
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तीन छात्रों के निष्कासन के फैसले पर भड़का विरोध
बता दें कि पूरा विवाद 23 अगस्त को तीन छात्रों के निष्कासन के फैसले के बाद शुरू हुआ है। तीनों छात्रों पर जनवरी 2021 के विरोध - प्रदर्शन में भाग लेने के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस बीच, शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद बोलपुर के एसडीपीओ अभिषेक रे ने कहा कि हम कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार गतिविधियां कर रहे हैं। विश्व-भारती टीम भी हमारे साथ है।