कोरोना महामारी के इस दौर में पश्चिम बंगाल सरकार ने फैसला किया है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक में कहा कि छात्रों का प्रवेश बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाए। प्रवेश परीक्षा के साथ काउंसलिंग साक्षात्कार आयोजित करने पर भी रोक लगा दी गई है।
सरकार की ओर से विश्वविद्यालयों को सलाह दी गई है कि जैसे ही बोर्ड परीक्षा परिणाम निकलता है, छात्रों से आवेदन आमंत्रित करना शुरू कर दें। बताया गया है कि 1 अक्तूबर तक पहला सेमेस्टर शुरू करने के लिए, 30 सितंबर तक दाखिले पूरे कर लिए जाएं। छात्रों को पिछले साल की तरह प्रवेश शुल्क नहीं देना होगा। वहीं, कॉलेजों में सीटों को युक्तिसंगत बनाने के लिए विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को वर्चुअल बैठकें करने को कहा गया है। बता दें कि कई राज्य विश्वविद्यालय जैसे प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, जादवपुर विश्वविद्यालय, स्नातक प्रवेश स्तर के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं।
हालांकि, इस बार ऐसे विश्वविद्यालयों जो प्रवेश परीक्षा नहीं लेते थे वे इस वर्ष कोविड-19 के कारण बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के मद्देनजर सीधे पास होने वाले उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करने के लिए प्रवेश परीक्षा लेने के बारे में विचार कर रहे हैं। सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी, कोलकाता प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर रहा है। क्योंकि यह एक स्वायत्त संस्थान है और राज्य सरकार द्वारा संचालित संस्थानों की तरह के नियमों से बाध्य नहीं है।
वहीं, जादवपुर विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति स्नातक स्तर के प्रवेश के लिए प्रवेश मानदंड पर चर्चा करने के लिए अपने संबंधित संकायों की बैठक करेगी। उधर, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, जिसने अगस्त के लिए अपनी प्रवेश परीक्षा निर्धारित की थी, अब प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाले पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है। पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से स्नातक पाठ्यक्रम जैसे कला स्नातक, वाणिज्य स्नातक और कई अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रदान करते हैं।