Ramesh Pokhriyal Nishank on NEP 2020
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नई शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को शैणक्षिक संस्थानों के बीच इसके कार्यान्वयन में समन्वय के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की सिफारिश की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि नई शिक्षा नीति के शीघ्र कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक समीक्षा समिति और सचिव, उच्च शिक्षा की अध्यक्षता वाली एक कार्यान्वयन समिति बनाई जाए।
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बैठक के दौरान, निशंक ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभागों के बीच नई शिक्षा नीति कार्यान्वयन के समन्वय के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की सिफारिश की है। उन्होंने पैकेज संस्कृति से पेटेंट संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। निशंक ने बेहतर कौशल विकास युक्त परिणामों के लिए उद्योग जगत और शिक्षा संस्थानों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
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यह कहते हुए कि नई शिक्षा नीति की सफलता के लिए राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) महत्वपूर्ण हैं। इसलिए उन्हें वर्ष 2021-2022 में स्थापित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान मंत्री ने हितधारकों से सरकार की मौजूदा नीतियों और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के बीच तालमेल सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उच्च शिक्षा में कार्यान्वयन के लिए कुल 181 कार्यों की पहचान की गई है और स्पष्ट समयसीमा और लक्ष्यों के साथ नई शिक्षा नीति के तहत चिह्नित 181 कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड तैयार करने का सुझाव दिया।
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उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-1986 की जगह अमल में लाई जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को अनुमोदित किया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य एक व्यक्ति को एक या एक से अधिक विशिष्ट क्षेत्रों में गहन स्तर पर अध्ययन करने के लिए सक्षम बनाना है। साथ ही विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, और मानविकी जैसे विषयों सहित चरित्र, वैज्ञानिक स्वभाव, रचनात्मकता, सेवा की भावना और 21वीं सदी जरूरतों के अनुसार उसकी क्षमताओं को विकसित करना है।
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