मेडिकल शिक्षण संस्थानों में एमबीबीएस और बीडीएस जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट को लेकर चल रही सभी कयासबाजियों पर रविवार को विराम लग गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि चिकित्सा शिक्षा संस्थानों और मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाली नीट परीक्षा का आयोजन एनटीए की ओर से साल में सिर्फ एक बार ही किया जाएगा।
दरअसल, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई मेन) के लिए इस साल चार बार प्रयास के मौके दिए जाने की घोषणा के बाद से ही छात्रों द्वारा अपील की जा रही थी कि नीट यूजी 2021 के लिए भी अतिरिक्त प्रयास के मौके मिलने चाहिए। इसे लेकर कई अटकलें भी जारी थी। कहा जा रहा था कि एनटीए की ओर से नीट-यूजी परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की सकती है।