न्यूरोसर्जरी में करना चाहते हैं स्पेशलाइजेशन
अमर्त्य बताते हैं कि मैं पीजी में सर्जरी की पढ़ाई करने के बाद न्यूरोसर्जरी में स्पेशलाइजेशन करना चाहता हूं। नीट पीजी की तैयारी के बारे में बात करते हुए अमर्त्य कहते हैं कि कोरोना महामारी में पीड़ितों का इलाज करते हुए पढ़ाई के लिए समय निकालना बहुत चुनौती भरा था। काम और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बिठाकर परीक्षा की तैयारी की। अमर्त्य के चाचा डॉ. जे सेनगुप्ता बताते हैं कि कोलकाता में 'नीट-पीजी' परीक्षा देने के लिए दिल्ली एमएस में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अमर्त्य फ्लाइट से रात 1 बजे घर पहुंचा और अगले दिन सुबह आठ बजे परीक्षा देने के लिए निकल गया। शाम को लौटा और ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए फिर देर रात दिल्ली के लिए उड़ान भरी। अमर्त्य ने ऐसे अपनी ड्यूटी के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी की और परीक्षा भी दी।
पढ़ाई में ऐसे थे अमर्त्य
अमर्त्य के चचेरे भाई बताते हैं कि अमर्त्य बचपन से ही होनहार छात्र रहे हैं और उनका अकेडमिक रिकॉर्ड शानदार है। अमर्त्य ने स्कूल की परीक्षा में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया था। स्कूल खत्म करने के बाद, उसने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया। हाल ही में इंटर्नशिप पूरी की। यहां भी, पहले से पांचवें वर्ष तक - पहला स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया। बता दें कि अमर्त्य के पिता सुशोभन सेनगुप्ता कोलकाता उच्च न्यायालय के सरकारी वकील हैं जबकि उनकी मां मधुमिता सेनगुप्ता गृहिणी हैं।