मध्यप्रदेश में आगामी नए सत्र की पढ़ाई नई शिक्षा नीति-2020 के तहत ही होगी। यह बात राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने कही है। डॉ यादव ने कहा कि नैप यानी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 की सिफारिशों के आधार पर महाविद्यालयी शिक्षा के 79 विषयों के पाठ्यक्रम नए सिरे से तैयार हो चुके हैं। राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इसके अनुरूप पढ़ाई करवाने की तैयारी भी कर ली गई है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य उच्च शिक्षा विभाग के ई-प्रवेश पोर्टल के जरिये स्नातक प्रथम वर्ष में अब तक 4.4 लाख और स्नातकोत्तर के पहले सेमेस्टर में एक लाख पांच हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। डॉ यादव ने कहा कि सरकार ने नया शिक्षा सत्र 1 सितंबर से शुरु करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने नई शिक्षा नीति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में तय किया गया है कि नई नीति को लेकर एक राज्यस्तरीय क्रियान्वयन समिति गठित की जाएगी। यह समिति नई शिक्षा नीति के प्रावधानों और विषयों की स्पष्टता के लिए एफएक्यू तैयार किए जाएंगे। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन कार्यशाला भी आयोजित की जाएंगी। वहीं, कॉलेज स्तर पर भी विद्यार्थियों की काउंसलिंग होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर की कक्षाओं में कुल स्वीकृत सीट संख्या के अनुसार अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाए। वहीं, राज्य उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने बैठक में बताया कि 20 अगस्त से फीस जमा कराने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि दाखिले 30 सितंबर, 2021 तक होंगे। स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश ले रहे विद्यार्थियों के लिए नीति से संबंधित प्रावधानों की संपूर्ण जानकारी प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध होगी।