डिजिटल मार्केटिंग का खर्च वर्ष-प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। पिछले वर्ष इंटरनेट विज्ञापन के लिए 14 अरब अमेरिकी डालर खर्च किए गए। व्यापारी इस बात को भलीभांति समझने लगे हैं कि डिजिटल मार्केटिंग उनके लिए कितनी लाभप्रद है।
पारंपरिक विपणन की तरह डिजिटल मार्केटिंग का उद्देश्य भी लक्षित वर्ग को आपका उत्पाद या सेवा खरीदने के लिए प्रभावित करना उकसाना और विवश करना है। हालांकि इन दोनों में लगभग सिर्फ यही समानताएं हैं। डिजित मार्केटिंग पारंपरिक विपणन से डिजाइन बनाने रणनीति से लेकर प्रक्रिया, तकनीक और उस शामिल माध्यमों के लिहाज से बहुत अलग है। इसमें लोगों के बीच छवि जानने के लिए 'ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाती है।
इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की गतिविधियों और पसंद का विश्लेषण होता है, उसके अनुसार विपणन रणनीतियां बनाकर तथा उसे कार्यान्वित करके वेब उपयोगकर्ताओं को उपभोक्ताओं में तब्दील किया जाता है। इसमें उत्पाद अथवा सेवा के बारे में उत्साह जगाने से लेकर लोगों को उसके बारे में बातचीत करने पर मजबूर करना विश्वसनीयता बनाने के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को वेबसाइट देखने पर विवश कर शामिल है।
गौरतलब है कि डिजिटल मार्केटिंग उत्पादन को जारी करने प्रचार, बिक्री योग्य ब्रांड की छवि बनाना, जन संपर्क या उपभोक्ता सेवा जैसी अपेक्षा रखने वाली कंपनियों के लिए उपयोगी है। इसके लचीलेपन, सहुलियत और किफायती दर में उपलब्ध होने से यह बहुत ज्यादा प्रभाव डालती है। इसकी नई, आकर्षक और रचनात्मक विशेषताएं कंपनियों को वर्तमान उपभोक्ताओं तक पहुंचने और नए बाजार तलाशने में मदद करती है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि कंपनियों द्वारा इस अनूठी तकनीक को नहीं अपनाने पर उन्हें कारोबार में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको विपणन, आईटी, जनसंचार, विज्ञापन या बिक्री में डिग्री की जरूरत है। अगर आप इस क्षेत्र में ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं तो आपको डिजिटल मार्केटिंग के सभी आयामों का अच्छा ज्ञान होना चाहिए, इसलिए आपको अन्य विशेषज्ञ क्षेत्र में हाथ आजमाना होगा और अन्य कौशल सीखना होंगे। दूसरी ओर डिजिटल मार्केटिंग में पेशेवर प्रमाणन डिजिटल मार्केटिंग को समग्र प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी देता है। कई संस्थान डिजिटल मार्केटिंग के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहे हैं।
डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सफल करियर बनने के लिए आपको निरंतर अपने कौशल तथा प्रौद्योगिकी, विपणन और डिजिटल मीडिया के संदर्भ में ज्ञान को बढ़ाना होगा। रचनात्मकता के अलावा आपको अच्छे तकनीकी कौशल की भी जरूरत है।
तकनीकी कुशलता के संदर्भ में आपको वेब डिजाइन, सोशल मीडिया और वेब संबंधित सॉफ्टवेयर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए, विश्लेषणात्मक कौशल, अनुसंधान कौशल, नेतृत्व कौशल और संचार कौशल भी अपेक्षित है। अगर आप इस क्षेत्र में प्रवेश करना चाह रहे हैं तो आपको घंटों कम्प्यूटर पर बैठने के लिए तैयार रहना चाहिए। आपको उपयोगकर्ता के आवागमन और व्यवहार के अध्ययन, उपयुक्त आंकड़ों का विश्लेषण तथा विभिन्न मार्केटिंग रणनीतियों के साथ प्रयोग करने में समय बिताना होगा। जिस द्रुत गति से कारोबार में डिजिटल मार्केटिंग का महत्व बढ़ रहा है उससे इस क्षेत्र में करियर के व्यापक अवसर का पता चलता है।
प्रमुख संस्थान :
- सिम्बोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट
- देवीप्रसाद गोयनका मैनेजमेंट
- डिजिटल मार्केटिंग प्रो