छह लोगों को मिली जिंदगी
केरल एसएसएलसी टॉपर बीआर सारंग की आसामयिक मौत के बाद उनके माता-पिता ने उनके अंगों को दान करने का फैसला किया, जिससे छह लोगों की जान बचाई जा सकी। सारंग के माता-पिता ने छह लोगों को उसके अंग जैसे आंखें, लीवर, दिल और बोन मैरो दान करने के लिए तैयार हो गए। सारंग का दिल दूसरे दिन कोट्टायम में एक बच्चे के लिए लिया गया था। अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को शव सौंप दिया गया है।
सारंग बेहद प्रतिभावान फुटबॉल खिलाड़ी था। वह एटिंगल में केरला ब्लास्टर्स के प्रशिक्षण सत्र में जाना चाहता था। उसने अस्पताल में उपचार के दौरान भी फुटबाल के लिए जूते खरीदने की अपनी इच्छा जताई थी। वह वंचियूर निवासी बिनीश कुमार और रंजिनी के पुत्र थे। सैकड़ों छात्र और स्थानीय लोग सारंग को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
इससे पहले शुक्रवार को राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसएलसी परिणामों की घोषणा करते समय भावुक हो गए थे। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मंत्री की आंखों में आंसू आ गए, जब उन्होंने बताया कि सारंग ने टॉप ग्रेड हासिल किया था,जिसकी हाल ही में एक दुर्घटना में मौत हो गई थी।
शिवनकुट्टी ने कहा था, "तिरुवनंतपुरम में एक दुर्घटना में मारे गए दसवीं कक्षा के छात्र सारंग ने सभी विषयों के लिए पूर्ण ए प्लस ग्रेड हासिल किया है।वह भी बिना ग्रेस मार्क्स । " उन्होंने कहा कि अंगदान करने के परिवार के फैसले से समाज को समाज सेवा के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने सारंग के परिवार के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की।