एलडीएफ विधायक शैलजा ने की थी समानता की बात
इस मुद्दे पर सीएम एलडीएफ विधायक केके शैलजा की उस बात का जवाब दे रहे थे, जिसमें कहा गया था कि सरकार को सभी को विश्वास में लेकर महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए लैंगिक न्याय और समानता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का इरादा स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए एक ही तरह की यूनिफॉर्म लागू करने का नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षण संस्थानों, उनके शिक्षकों, पीटीए और छात्र प्रतिनिधियों को उचित यूनिफॉर्म पर चर्चा कर निर्णय लेना चाहिए और उसे लागू करना चाहिए।
हर कोई स्वतंत्रता के हकदार
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी पर भी किसी भी तरह की पोशाक थोपना इस सरकार की नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया गया है। लोग पोशाक, भोजन और विश्वास के मामले में हर स्वतंत्रता के हकदार हैं और इनके बारे में कोई अतिवादी दृष्टिकोण नहीं हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं सहित ड्रेस कोड थोपने की कोशिशें प्रगतिशील ज्ञानवान समाज के निर्माण के हमारे मकसद में बाधक हैं। सरकार का मानना है कि समाज के सभी वर्गों को उनकी जाति, धर्म और लिंग की परवाह किए बिना स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। सीएम ने कहा कि हमें इसके लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है।