वहीं, उडुपी के पकिरनगर में कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। पकिरनगर के सरकारी उर्दू स्कूल की एक छात्रा की मां ने बताया कि स्कूल में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगने के बाद से ही मैं उसे स्कूल नहीं भेज रही हूं। वह कहती हैं कि अब तक, हमारे परिवार के कई लोग हिजाब पहनकर इसी स्कूल में पढ़ चुके हैं। तो फिर क्यों अचानक नियमों में बदलाव कर दिया गया है?
उधर, उडुपी जिले की कापू तालुक के सरकारी उर्दू स्कूल, पकिरनगर के मामले को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बैठक चल रही है। स्थानीय तहसीलदार ने बताया कि हिजाब वाली छात्रों को अलग कमरे में बैठने के लिए कोई नहीं व्यवस्था नहीं की गई है। अभिभावकों की ओर से अलग से बैठाकर पढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा था।
यह भी पढ़ें :
Sarkari Naukri-Result Live 2022: कर्मचारी राज्य बीमा निगम और ओपीएससी ने हजारों पदों पर निकालीं भर्तियां, जानिए पात्रता और प्रक्रिया