बयान में कहा गया है कि प्रकाशनों के शेयर के आधार पर, जादवपुर विश्वविद्यालय देश की सभी स्टेट यूनिवर्सिटी में पहले स्थान पर है। एक दिसंबर, 2020 से 30 नवंबर, 2021 के बीच 82 शीर्ष विज्ञान पत्रिकाओं में प्राथमिक शोध लेखों के प्रकाशन के आधार पर वर्ष 2022 के लिए रैंकिंग की घोषणा की गई है। पत्रिकाओं का चयन दो पैनल द्वारा किया गया था, जिसमें लगभग 60 वैज्ञानिक शामिल थे। यह रैंकिंग इंडेक्स साइंस जर्नल नेचर की शोध इकाई की ओर से हर साल जारी किया जाता है। यह प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित वैज्ञानिक लेखों और पत्रों की संख्या के आधार पर प्रमुख शिक्षण एवं शोध संस्थानों को रैंक देता है।
जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुरंजन दास ने बताया कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि फैकल्टी और शोधकर्ताओं द्वारा लगातार रिसर्च स्टैंडर्ड को फॉलो किया जाता है। यह रैंकिंग सम्मान इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि जादवपुर यूनिवर्सिटी राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित संस्थान है। हालांकि, इसे केंद्र से अनुदान भी प्राप्त हुआ है।
दास ने कहा कि अगर हमें केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिला होता, तो निश्चित रूप से हम कहीं बेहतर कर सकते थे। कुलपति ने कहा कि रैंकिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि महामारी की स्थिति ने शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित कर दिया है, लेकिन जादवपुर यूनिवर्सिटी ने फैकल्टी और शोध छात्रों की भागीदारी के साथ इन बाधाओं का मुकाबला किया।
जादवपुर विश्वविद्यालय ने सभी भारतीय उच्च शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों में भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में 19वां स्थान, रसायन विज्ञान के क्षेत्र में 23वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, जादवपुर विश्वविद्यालय देश के सभी विश्वविद्यालयों में ओवरआल चौथे स्थान पर है जबकि राज्य में पहले स्थान पर है। हैदराबाद विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय इस श्रेणी में जादवपुर विश्वविद्यालय से ऊपर हैं। जबकि जादवपुर विश्वविद्यालय पृथ्वी और पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में देश में 11वें स्थान पर रहा है। वहीं, सभी क्षेत्रों में शोध कार्यों को देखते हुए उच्च शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों में 24वें स्थान पर रहा है।