ये हैं संसदीय समिति की सिफारिशें
संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नामांकित छात्रों की बढ़ी हुई संख्या भी पीएम पोषण योजना के दायरे में आ जाए और बजट प्रतिवेदन आवंटन, छात्र डेटा और नीति के दायरे में आवश्यक बढ़ोतरी हो। समिति ने सुझाव दिया है कि विभाग को विशेष रूप से योजना के तहत बाजरा (श्रीअन्न) को शामिल करने के मद्देनजर एक स्वतंत्र एजेंसी के साथ समन्वय में एक नया सर्वेक्षण या मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि पीएम पोषण योजना को बेहतर तरीके से लगातार लागू किया जा सके। रिपोर्ट में कहा गया कि यह दृढ़ता से अनुशंसा की जाती है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत देश के स्कूल जाने वाले बच्चों के आहार में विभाग को अधिक बाजरा और मोटा अनाज शामिल हो।
11.80 करोड़ बच्चों को मिलता है लाभ
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग पीएम पोषण योजना का संचालन करता है, जिसके तहत राज्यों को कक्षा एक से आठवीं तक के पात्र बच्चों और बालवाटिका (कक्षा एक से नीचे) के पात्र बच्चों को एक गर्म पका भोजन उपलब्ध कराने के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है। पीएम पोषण योजना से देश के 11.20 लाख सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 11.80 करोड़ बच्चों को लाभ मिलता है।