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उपलब्धि : आईआईटी मद्रास ने पार किया हजार पेटेंट का आंकड़ा, पांच साल में दोगुनी हुई संख्या

Tue, 17 Aug 2021 05:54 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने भारत और विदेशों में अपने द्वारा बनाए गए पेटेंट में 1,000 का आंकड़ा पार कर लिया है। अधिकारियों ने कहा, संस्थान द्वारा दायर पेटेंट की संख्या भी पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हो गई है
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आईआईटी मद्रास - फोटो : सोशल मीडिया
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने भारत और विदेशों में अपने द्वारा बनाए गए पेटेंट में 1,000 का आंकड़ा पार कर लिया है। अधिकारियों ने कहा, संस्थान द्वारा दायर पेटेंट की संख्या भी पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हो गई है। इसमें भारत के बाहर दायर किए गए पेटेंट में सबसे अधिक पेटेंट की संख्या अमेरिका में है। 

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गौरतलब है कि इस साल 31 मार्च तक, भारत में दायर पेटेंट की कुल संख्या 1,204 थी और दायर किए गए अंतरराष्ट्रीय पेटेंट की कुल संख्या 529 थी। इनमें से 155 पेटेंट आवेदन सिर्फ अमेरिका में दायर किए गए थे। बता दें कि आईआईटी, मद्रास विदेशी पेटेंट दाखिल करने की लागत का 70 प्रतिशत वहन करता है और शेष आविष्कारक वहन करता है। एक अन्य महत्वपूर्ण फैक्टर पेटेंट सहयोग संधि (पीसीटी) के तहत दायर अंतरराष्ट्रीय पेटेंट भी हैं, जिनकी संख्या 218 थी। पीसीटी आवेदकों को उनके आविष्कारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट संरक्षण प्राप्त करने में सहायता करता है।

सेंटर फॉर आईसीएसआर के डीन रवींद्र गेट्टू ने कहा कि पीसीटी के तहत एक अंतरराष्ट्रीय पेटेंट आवेदन दाखिल करके, आवेदक बाद में उन सभी देशों में अपने आविष्कार के लिए सुरक्षा अधिकार की मांग कर सकते हैं जो पीसीटी के पक्षकार हैं। आज की तारीख में ऐसे 153 देश हैं। गेट्टू ने कहा कि केंद्र ने हाल के वर्षों में भारत और विदेशों में दायर किए जा रहे पेटेंट में इस वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं।
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उन्होंने कहा, औद्योगिक परामर्श और प्रायोजित अनुसंधान केंद्र (आईसीएसआर) में एक समर्पित आईपी सेल स्थापित किया गया है, जो आईपी सुरक्षा और मुद्रीकरण के महत्व पर छात्रों या शिक्षकों को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से बौद्धिक संपदा (आईपी) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। गेट्टू ने कहा कि संस्थान ने संकाय सदस्यों और छात्रों के बीच जागरूकता अभियानों के माध्यम से पेटेंट दाखिल करने में सक्षम बनाया है।

उन्होंने कहा, थीसिस को पूरा करने में हस्तक्षेप किए बिना प्रक्रियाओं को भी आसान और तेज बना दिया गया है, जो अक्सर हमारे शोधकर्ताओं का प्राथमिक ध्यान होता है। पेटेंट को बढ़ावा देने और अधिक विकास को निधि देने के लिए आईपी का मोनेटाइजेशन भी हालिया फोकस क्षेत्र है।

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