हाईकोर्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ द्वारा आयोजित 1917 सहायक लेखाकार भर्ती में बीटेक की डिग्री रखने वालों को शामिल करने का आदेश देने से इंकार कर दिया है। सहायक लेखाकार के लिए ओ लेबल कंप्यूटर डिप्लोमा की योग्यता निर्धारित की गई है। इससे अधिक योग्यता बीटेक डिग्री रखने वालों ने आवेदन की अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि योग्यता का निर्धारण करना नियोजक का नीतिगत मामला है। अधिक योग्यता वाली डिग्री रखने वालों को भी शामिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
योगेंद्र सिंह राना और 15 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया है। याचीगण का कहना था कि उनके पास ओ लेबल से अधिक योग्यता की डिग्री है। उनको भर्ती में शामिल नहीं किया जा रहा है। इस पर कोर्ट का कहना था कि योग्यता तय करना नियोजक का नीतिगत निर्णय होता है। इसमें अदालत को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। चयन आयोग के अधिवक्ता का कहना था कि सहायक लेखाकार के लिए कंप्यूटर संचालन जानने वाले की आवश्यकता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नहीं। विज्ञापन के अनुसार निर्धारित योग्यता या समकक्ष योग्यता रखने वालों को ही नियुक्ति दी जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि जब विज्ञापन में योग्यता निर्धारित कर दी गई है तो कोई भ्रम नहीं है। अधिक योग्य व्यक्तियों को शामिल करने का आदेश नहीं दिया जा सकता है।